शिक्षकों ने खोला मोर्चा
बेसिक शिक्षा परिषद की ओर से संचालित प्राथमिक और जूनियर विद्यालय में इन दिनों बच्चों को नहीं बुलाया जा रहा है. ऐसे में बच्चे शिक्षा से वंचित न हो इसके लिए काफी संख्या में शिक्षकों ने बिना किसी आदेश के मोहल्ला क्लास की शुरुआत की है. लेकिन यह पहल उनके लिए भारी पड़ रही है.
राजधानी समेत प्रदेश के अधिकांश जिलों में शुरू हुई इस पहल से बच्चों को तो लाभ मिल रहा है लेकिन जब शिक्षक स्कूल से निकलकर गांव की ओर जाते हैं उनके साथ छेड़छाड़ जैसी घटनाएं सामने आ रही हैं. जिससे गुरुवार को सीतापुर की घटना सबसे बड़ा उदाहरण बन गई है. जहां संधना थाना क्षेत्र में एक शिक्षिका को मोहल्ला क्लास चलाकर बच्चों का भविष्य सवारने निकली थी. लेकिन दो लोगों ने उससे छेड़छाड़ किया.
इस संबंध में एफआइआर भी दर्ज की गई है. इस तरह से गोंडा में एक प्रकरण सामने आया इस संबंध में शिक्षिका ने बीएसए से मदद भी मांगी. जिसकी कोई मदद नहीं की गई. वही लखीमपुर बांदा बलिया देवरिया हाथरस वह हमीरपुर से महिला शिक्षकों से अभद्रता की शिकायतें सामने आ चुकी हैं लेकिन विभाग अधिकारी इस पर चुप्पी साधे रहते हैं.


