Primary Ka Master Latest Updates👇

Friday, August 20, 2021

13 खाने की रिंच बन गए प्राइमरी स्कूलों के शिक्षक:- एक अकेली जान और बेशुमार काम,काम का ओवरलोड के चलते शिक्षक-शिक्षिकाओं की निजी जिंदगी प्रभावित

 बैंक, कोटेदार और पंचायत प्रतिनिधियों के हिस्से का काम शिक्षकों से लिया जा रहा है। बच्चों के खाते खुलवाना और मेंटेन करना, कोटे की पर्ची बनाना और सत्यापन करना, साप्ताहिक ऑनलाइन क्विज, गांवों में निःशुल्क प्रेरणा साथी तैयार करना और मोहल्ला क्लास चलाना शिक्षकों की दिनचर्या में शामिल हो गया है।

13 खाने की रिंच बन गए प्राइमरी स्कूलों के शिक्षक:- एक अकेली जान और बेशुमार काम,काम का ओवरलोड के चलते शिक्षक-शिक्षिकाओं की निजी जिंदगी प्रभावित


शिक्षा विभाग में हर दिन आने वाले शासनादेशों ने शिक्षकों को चाभी से घूमने वाला खिलौना बना दिया है। शिक्षकों को पहले से ही आदेशों की पोटली थमा दी गई है। कैलेंडर के मुताबिक इस तारीख को स्वास्थ्य दिवस है तो उस तारीख को स्वच्छता दिवस है। शिक्षक कई औपचारिकताओं और गैर सरकारी कार्यों के बीच उलझ कर रह गए हैं। हर समय डरे और सहमे बेसिक शिक्षक को मानीटर बनाकर अधिकारी और विभाग की ओर से उन्हें रिमोट कंट्रोल से चलाया जा रहा है। इन दिनों शिक्षकों के चेहरों पर तैर रही बेचैनी को साफ देखा जा सकता है। स्कूल जाओ तो शिक्षक औपचारिकता निभाते साफ देखे जा सकते हैं। शिक्षक और हेडमास्टरों के हाथ में अपनी ओर से करने को अब कुछ भी नहीं है। सब कुछ तिथिवार पहले से तय है। हर दिन दो चार आदेश पहुंचते हैं। पूरा दिन इसी उधेड़बुन में गुजर रहा है।


एक अकेली जान और बेशुमार कामः हेडमास्टर की एक अकेली

जान के पीछे पूरा विभाग टूट पड़ा है। स्वास्थ्य दिवस की ओर से टीकाकरण, बच्चे आएं तो आखिरी शनिवार को जन्मदिन, शासन के शैक्षिक कैलेंडर का पालन, हैंडवाश डे. विभाग द्वारा दिए गए प्रश्नों को याद कराना, अभिभावक से संपर्क और बातचीत कर सूचना अपलोड करना, कोरोना काल में निःशुल्क प्रेरणा साथी तलाशना मोहल्ला क्लास चलाना, शिक्षक के पास चपरासी, क्लर्क, ठेकेदार समेत कई के काम, स्कूलों की सफाई कराना, कायाकल्प के तहत काम की रिपोर्ट छात्रवृत्ति के फार्म भराना, एमडीएम ऑनलाइन कराना, छात्रों की खाता संख्या और डिटेल लेकर बैंक में

चेक लगाना, कन्वर्जन कास्ट बच्चों के खाते में पहुंचे, 140 रजिस्टर तैयार करना, ड्रेस वितरण कराना, एसएमसी की बैठक कराना, एसएमसी के खाते का प्रबंधन, मिड डे मील के खाते का प्रबंधन, बीएलओ ड्यूटी में प्रतिभाग करना, चुनाव ड्यूटी करना, संकुल की बैठक और बीआरसी की मासिक मीटिंग में भाग लेना तथा विद्यालय की रंगाई पुताई कराने समेत दर्जनों अन्य कार्य भी शिक्षकों के जिम्मे रहते हैं।



शिक्षक-शिक्षिकाओं की निजी जिंदगी प्रभावित


पहले शिक्षकों के फोन नंबर तक बच्चों की पहुंच बहुत कम होती थी, जो भी बात करनी हो वो स्कूल में होगी, लेकिन अब व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से नंबर स्टूडेंट्स के साथ-साथ उनके भाई बहनों तक पहुंच गए हैं। शिक्षक शिक्षिकाओं को दिन-रात फोन आते हैं। और अवसर बच्चों के भाई-बहन गुड मॉर्निंग गुड नाइट मैसेज भी भेजते हैं।

13 खाने की रिंच बन गए प्राइमरी स्कूलों के शिक्षक:- एक अकेली जान और बेशुमार काम,काम का ओवरलोड के चलते शिक्षक-शिक्षिकाओं की निजी जिंदगी प्रभावित Rating: 4.5 Diposkan Oleh: Updatemarts

Social media link