प्रयागराज। कौशाम्बी में पकड़े गए सॉल्चर गिरोह के सरगना विजयशंकर मिश्र से पूछताछ में भी अहम खुलासे हुए। एसटीएफ अफसरों ने बताया कि यह गिरोह 50 हजार रुपये एडवांस में लेता था जबकि परीक्षा पास होने के बाद अभ्यर्थियों से छह लाख रुपये बसूलता था। गिरोह में सरगना के अलावा चार अन्य सदस्य भी शामिल हैं जिनमें धूमनगंज में रहने वाला रेलवे इंजीनियर विनोद गुप्ता भी शामिल है। एसटीएफ अफसरों के मुताबिक, पूछताछ में सरगना ने बताया कि उसकी बेटी भी टीजीटी परीक्षा में अभ्यर्थी थी जिसकी जगह झूंसी स्थित केंद्र पर सॉल्वर बैठाना था। लेकिन एक दिन पहले बीएड परीक्षा में धरपकड़ के बाद महिला सॉल्वर ने परीक्षा में बैठने से इंकार कर दिया।
यह भी बताया कि झूंसी स्थित लाला मोहन दास इंटर कॉलेज परीक्षा केंद्र के कक्ष निरीक्षक सीताराम सिंह को बेटी को नकल कराने केलिए मोबाइल भी दिया था। यह भी बताया कि उसने मैनपुर के आरसी गर्ल्स इंटर कॉलेज में मूल अभ्यर्थी सुभाष चंद्रा की जगह सॉल्वर भेजा था। लेकिन मुख्य गेट पर सघन चेकिंग के चलते दोनों डरकर भाग निकले। सरगना की निशानदेही पर ही पुलिस ने भरवारी के भवंस मेहता महाविद्यालय में विष्णुदेव सिंह निवासी सरायअकिल की जगह परीक्षा दे रहे गोविंद कुमार गुप्ता को पकड़ा गया। प्रतियोगी छात्र गोविंद ने पूछताछ में बताया कि उसे 45 हजार रुपये मिलने थे जिनमें से 20 हजार एडवांस मिले थे। ब्यूरो


