शिक्षामित्रों के सहारे चल रहे जिले के पांच स्कूल
हापुड़। बेसिक शिक्षा विभाग से संचालित स्कूलों में बच्चों की शिक्षा से खिलवाड़ हो रहा है। नगर क्षेत्र का एक स्कूल शिक्षकों की कमी से बंद हो गया है, जबकि पांच सिर्फ शिक्षामित्रों के सहारे चल रहे हैं। 10 स्कूलों में कोई प्रधानाध्यापक भी नहीं है। अफसरों की इस अनदेखी से करीब 3500 छात्रों का भविष्य अधर में लटक गया है।
शासन से परिषदीय स्कूलों को कांवेंट स्कूलों की तर्ज पर चलाने का सपना देखा जा रहा है। इसके लिए शिक्षकों की आए दिन कार्यशालाएं, नवाचार समेत विद्यालयों के सुंदरीकरण की योजनाएं चलायी जाती हैं। लेकिन हापुड़ नगर क्षेत्र के स्कूलों में यह सपना साकार होता नहीं दिख रहा है। नगर क्षेत्र के 19 स्कूलों में 35 स्थायी शिक्षक हैं, जिनमें 9 प्रधानाध्यापक और 26 सहायक अध्यापक हैं। जबकि 24 शिक्षामित्र किसी तरह शिक्षा के स्तर को उठाने का प्रयास कर रहे हैं। लेकिन शिक्षकों की इस कमी के चलते रघुवीर गंज स्थित दयानंद प्राथमिक पाठशाला बंद हो चुकी है। क्योंकि यहां एक भी शिक्षक की व्यवस्था नहीं की जा सकी है।

