कासगंज। जिला में आंगनबाड़ी केंद्रों को खोलने की स्थिति काफी खराब है। कोरोना के चलते बंद किए गए आंगनबाड़ी केंद्रों को खोलने के आदेश के बाद भी जिला में लापरवाही बनी हुई है। अभी तक जह म त आंगनवार्डी कायकर्ताओं ने नहीं उठाई है। वहीं शिक्षा विभाग एवं बाल विकास विभाग में समन्वय न बन पाने से आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का प्रशिक्षण भी नहीं दे सका है।
कोरोना संकट के चलते शासन ने सभी शिक्षण संस्थाओं को 24 मार्च को बंद कर दिया था। इसके साथ ही आंगनबाड़ी केंद्र भी बंद कर दिए गए। कोरोना का खतरा कम होने के साथ चरणबद्ध तरीके से स्कूलों को खोलने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। आंगनबाड़ी केंद्रों से जुड़े बच्चों की उम्र कम होने के कारण सरकार ने अभी तक इनको नहीं खोला था। शासन से 4 अक्तूबर से आंगनबाड़ी केंद्रों को खोलने के आदेश जारी किए गए, लेकिन इन आदेशों का पालन जिला में नहीं हो सका। आंगनबाड़ी केंदों के ताले लटके रहे।
शासन नई शिक्षा नीति के तहत प्राइमरी कक्षा में प्रवेश से पहले निजी स्कूलों की तर्ज पर प्री प्राइमरी की शिक्षा देने की योजना पर काम कर रही है। इस योजना के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों से जुड़े बच्चों को प्ले ग्रुप की तरह खेल खेल में शिक्षा के प्रति रुचि पैदा करना है। इसके लिए शिक्षा विभाग को आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण देकर बच्चों को शिक्षित करने के लिए तैयार करना है, लेकिन समन्वय के अभाव में इनका प्रशिक्षण अभी तक पूरा नहीं हो सका है। जनवरी 2021 से प्रशिक्षण की प्रक्रिया को शुरू किया गया, लेकिन अभी तक सभी आंगनबाड़ी प्रशिक्षित नहीं हो सकी हैं।
