कौशाम्बी। बेसिक शिक्षा परिषद में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को अब जूते-मोजे और निःशुल्क ड्रेस स्कूल से नहीं मिलेगी। अब प्रदेश सरकार पर होने वाला खर्च डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से सीधे अभिभावकों के खाते में भेजेगी। अभिभावक खुद बच्चों को यह सामग्री • खरीदकर देंगे।
इसके लिए प्रेरणा पोर्टल पर डीबीटी फीडिंग का काम तेजी से चल रहा है। जिले के विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्र छात्राओं के अभिभावकों के खाते में यह रकम भेजी जाएगी। प्रत्येक अभिभावक के खाते में 1056 रुपये जाएंगे। लेकिन डीबीटी का लाभ पाने वाले अभिभावकों के लिए या राह इतनी आसान नही जितनी सुनने में आसान लग रही है। विभाग ने इस सम्बंध में निर्देश जारी करते हुए अवगत कराया कि डीबीटी का लाभ उन अभिभावकों को नहीं मिल पाएगा जिनका बैंक खाता आधार सीडेड नहीं है व सम्बंधित खाते में गत 2 माह के अंदर कोई एक लेन-देन (डेबिट या क्रेडिट) नहीं हुआ है। विभाग ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित करते हुए व्यापक प्रसार प्रचार कर यह सुनिश्चित करने हेतु निर्देशित किया है कि शत प्रतिशत छात्र छात्राओं के माता-पिता/ अभिभावक का बैंक खाता आधार सीडेड और सक्रिय हो क्योंकि डीबीटी की धनराशि उनके आधार से सीधे बैंक खाते में ही भेजी जाएगी एवं यह भी सुनिश्चित BT करें की उस बैंक खाते में गत 2 माह के अंदर कोई भी एक लेनदेन अनिवार्य रूप से किया गया हो अन्यथा डीबीटी धनराशि प्रेषित नहीं की जा सकेगी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी प्रकाश सिंह ने जनपद के समस्त खंड शिक्षा अधिकारियों के माध्यम से विद्यालय के अध्यापकों व प्रधानाध्यापकों को निर्देशित किया है कि वह अपने स्तर से छात्र-छात्राओं के माता-पिता/ अभ्भवकों को तत्काल इस प्रकरण पर अवगत कराएं ताकि डीबीटी की धनराशि उनके आधार सीधे बैंक खाते में सफलता फोटो भेजी जा सके।
