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Thursday, October 7, 2021

बदहाल है आंगनबाड़ी केन्द्र, कैसे बनेंगे प्री-प्राइमरी स्कूल?

 अल्मोड़ा सोमेश्वर मौलेखाल भतराजखान/ भिकियासैंण आंगनबाड़ी केंद्रों को निजी स्कूलों के प्री-स्कूलों की तर्ज पर संचालित करने की योजना पर सरकार काम कर रही है। अगर ऐसा होता है तो ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों के लिए सरकार की ओर से किया गया यह कार्य बेहद सराहनीय होगा। वर्तमान में आंगनवाड़ी केंद्रों की जो स्थिति है कि उसे देखकर सरकार की योजना दूर की कौड़ी ही नजर आती है। जिले में जिले में कुल 1860 में में आंगनबाड़ी केंद्र हैं, जिसमें से 467 केंद्र किराये के भवनों में संचालित हो रहे हैं। किराये के भवनों में संचालित कुछ केंद्रों के भवन जर्जर हालत में है। ऐसे में सहज ही अंदाजा लगाया में जा सकता है कि इस योजना को अमली जामा पहनाने में सरकार को कितना वक्त लगेगा। गौर करने वाली बात यह है कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता भी इस योजना से अनभिष्ठ हैं।


जिले के कुल 1860 आंगनबाड़ी केंद्रों में 1190 मुख्य और 670 मिनी केंद्र हैं। इनमें से 207 मुख्य केंद्र और 260 मिनी केंद्रों के पास अपना भवन नहीं है। केंद्र किराए के भवनों में संचालित हो रहे हैं और कई भवनों की हालत काफी दयनीय है दूरस्थ ग्रामीण अंचलों में कई भवन जर्जर हालत में है। किराए के भवनों में बच्चों के खेलने की जगह भी नहीं है। कई केंद्रों के पास संसाधन भी पर्याप्त नहीं है। इसमे बच्चों को बैठने तक की त होती है। तीन से छह वर्ष तक के पंजीकृत बच्चों को कुक्ड फूड, अन्य बच्चों, गर्भवती और धात्री महिलाओं को टेक होम राशन दिया जाता है।


सोमेश्वर तहसील के अंतर्गत शैल गांव में आंगनबाड़ी केंद्र पंचायत पर में संचालित हो रहा है। केंद्र में 13 बचार गर्भवती और पांच धात्री महिलाएं पंजीकृत है। सल्ट के आंगनवाड़ी केंद्रों में शून्य से छह वर्ष तक के 3030 बच्च] पंजीकृत हैं, जिसमें 242 पात्रो, 290 गर्भवती पंजीकृत हैं। प्रभारी बाल विकास अधिकारी प्रभा आयां ने बताया कि सभी को आंगनबाड़ी कार्यकर्ती पर घर आकर टेक होम राशन पहुंचाती है साथ ही दो साल में जितने भी प्रवासी गांव आए उनको भी पंजी कर लाभ दिया है। बच्चों को ऑनलाइन गतिविधियों के माध्यम से सिखाते हैं। आंगनबाड़ी केंद्र में आठ बच्चे पंजीकृत है। अभिभावकों ने बताया कि केंद्र में समय से राशन मिल रहा है।


भिकियासैण ब्लॉक में कुल 137 आगनबाड़ी केंद्र है। इनमें से 17 केंद्रों के विभागीय भवन बन चुके है जबकि पांच केंद्रों में भवन बनाने का प्रस्ताव भेजा गया है। 17 केंद्र किराये के भवनों में संचालित हो रहे हैं। 103 केंद्र गांव के पंचायत घरों और प्राथमिक विद्यालय चल रहे हैं। आगनबाड़ी केंद्रों में पंजीकृत गर्भवती, धात्री, शिशुओं को महीने में पोषण दिया जा रहा है। भिकियासण प्रथम केंद्र में वर्तमान में 15 गर्भवतो, नी धात्री, सात माह से तीन वर्ष तक के 41 तीन से छह साल तक के 16 बच्चे पंजीकृत है। आंगनबाड़ी केंद्र पुराने पंचायत घर के भवन में चल रहा है। भवन जीर्ण-शीर्ण स्थिति में है। इधर स्याल्दे विकासखंड में आगनबाड़ी केंद्रों की संख्या 118 है, जिनमें से 16 के विभागीय भवन बन चुके हैं जबकि छह भवनों का - प्रस्ताव भेजा गया है जो केंद्र किराये • के भवनों में संचालित हो रहे हैं। 93 केंद्र गांवों के पंचायत भरो और प्राथमिक विद्यालय में चल रहे हैं।

बदहाल है आंगनबाड़ी केन्द्र, कैसे बनेंगे प्री-प्राइमरी स्कूल? Rating: 4.5 Diposkan Oleh: Updatemarts

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