पौधों की भी देखभाल कर रहे साधू बाबा, मटके में पानी लाकर बच्चों को पिलाते हैं
20 साल पहले मां के साथ कभी स्कूल की देखरेख करने के लिए आने वाले साधू बाबा, आज स्कूल को ही अपना घर मानकर उसे पोषित कर रहे हैं। स्कूल, बच्चों और यहां लगे पौधों की सुरक्षा वह लगातार 20 सालों से कर रहे हैं।
विजयीपुर ब्लाक के महेशपुर मठेठा प्राथमिक विद्यालय में रहने वाले धर्मराज उर्फ साधू बाबा (52) कई लोगों के लिए नजीर बन चुके हैं। करीब दो दशक पहले वह अपनी मां, जो स्कूल में सफाई का काम करती थीं उनकी सहायता करने के लिए यहां आते थे।
स्कूल में वह शिक्षा तो नहीं ले सके लेकिन उनका मन ऐसा रमा कि वह अपने घर की तरह ही स्कूल को मानकर यहां सेवा करने लगे।उनकी सेवा का सफर तब से शुरू हुआ जब स्कूल में बाउंड्री नहीं थी। वह रात को स्कूल के बाहर सोकर यहां की सुरक्षा करते थे। गर्मियों को छुट्टियां होने पर स्कूल की सफाई का काम भी वहीं करते थे।
पेयजल की व्यवस्था नहीं होने पर वह मटके में बच्चों के लिए पानी भी लेकर लाते थे। बाउंड्री बनी, हैंडपंप लगा तो उनके कंधों से यह जिम्मेदारी कम हो गई। ऐसे में उन्होंने विद्यालय परिसर को हरा भरा करने की ठानी। स्कूल परिसर के चारों ओर उनके लगाए पौधे मन को काफी हद तक सुकून देते हैं।
