मांगें न मानी गईं तो और तेज होगा आंदोलन, पुरानी पेंशन बहाली समेत 16 सूत्री मांग उठाई कार्य बहिष्कार कर कर्मचारियों ने दिया धरना
बस्ती। संयुक्त संघर्ष संचालन समिति के प्रदेश व्यापी आह्वान पर शिक्षकों व कर्मचारियों ने पुरानी पेंशन नीति बहाली समेत 16 सूत्री मांगों को लेकर बीएसए कार्यालय पर धरना दिया। धरने के बाद जुलूस निकालकर शिक्षक, कर्मचारी कलेक्ट्रेट पहुंचे और प्रधानमंत्री मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम रुधौली को दिया।
घरने का नेतृत्व करते हुए उदय शंकर शुक्ल ने कहा कि देश में सांसद, विधायकों को पेंशन प्राप्त है, लेकिन अधिकारियों, शिक्षकों, कर्मचारियों को पुरानी पेंशन नीति से वंचित रखा गया है। वे दिहाड़ी मजदूरों की तरह सेवाएं दे रहे हैं, उनसे उनके बुढ़ापे की लाठी छीन ली गई है, जब तक पुरानी पेंशन नीति लागू नहीं हो जाती चरणबद्ध आंदोलन जारी रहेगा। पांच दिसंबर को लखनऊ में महासम्मेलन
प्रस्तावित है। इसमें आंदोलन की रणनीति तय की जाएगी।
ज्ञापन में पुरानी पेंशन नीति बहाली, भत्तों को बहाल करने शिक्षामित्रों को नियमावली में संशोधन कर शिक्षक पद पर समायोजित करने, आंगनबाड़ी, लिपिक, होमगार्ड, पीआरडी जवान, ग्रामरोजगार सेवक, मुख्य सेविका, आशा, एएनएम, रसोईया आश्रम पद्धति एवं कस्तूरबा गांधी विद्यालयों के शिक्षकों एवं कर्मियों, विशेष शिक्षकों तथा चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग कर्मियों को विनयमित करने आदि की मांग की गई है। इस मौके पर नरेंद्र देव मिश्र, रामनाथ शिवशंकर कुमार, महेंद्र चौहान, चंद्र प्रकाश पांडेय, राजेश कुमार, राघवेंद्र सिंह, अभय सिंह यादव, आनंद दूबे, विश्वंभर नाथ शर्मा, विजय प्रकाश चौधरी, मनीष कुमार, शैल शुक्ल, महेश कुमार, दिवाकर सिंह, चंद्रभान चौरसिया, बब्बन पांडेय, रामभरत वर्मा आदि मौजूद रहे।
