स्कूल शिक्षा महानिदेशक ने दिखाई सख्ती, हर माह निरीक्षण करने का निर्देश
सुल्तानपुर जिले के 72 परिषदीय विद्यालयों को बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारी चालू शिक्षण सत्र में झांकने तक नहीं पहुंचे। यही नहीं ब्लॉक स्तरीय टास्क फोर्स और जिला स्तरीय टास्क फोर्स ने भी विद्यालयों का निरीक्षण नहीं किया। मामले में महानिदेशक स्कूल शिक्षा ने सख्ती दिखाते हुए प्रतिमाह निरीक्षण करने का निर्देश दिया है।
जिले में 2064 परिषदीय विद्यालय है। इन विद्यालयों का निरीक्षण करने के लिए ब्लॉक व जिला स्तरीय टास्क फोर्स गठित की गई है।
साथ ही खंड शिक्षाधिकारियों, जिला समन्वयकों व बीएसए को भी विद्यालयों का निरीक्षण करने का निर्देश दिया गया है। बावजूद इसके जिले के 72 विद्यालय ऐसे है, जिनका निरीक्षण शिक्षण सत्र 2022-23 में नहीं हुआ है। स्कूल शिक्षा महानिदेशक विजय किरन आनंद ने निरीक्षण न किए जाने वाले विद्यालयों को लेकर कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा है कि जनपद व विकास खंडों में प्रचलित व्यवस्थाओं में पारदर्शिता की कमी तथा शिक्षकों के शोषण की निरंतर शिकायतें प्राप्त होती हैं। जिन विद्यालयों का निरीक्षण नहीं किया गया है, उसके दो ही कारण हो सकते हैं, या तो निरीक्षणकर्ता अधिकारों की ओर से सिर्फ मुख्य मार्ग के समीप वाले विद्यालय का निरीक्षण किया जाता है अथवा इन विद्यालयों का जान बूझकर निरीक्षण नहीं किया जाता है।
प्रेरणा पोर्टल की कमी से छूटे होंगे विद्यालय बीएसए दीपिका चतुर्वेदी का कहना है कि विद्यालयों का निरीक्षण निरंतर चल रहा है। कुछ जगहों पर नेटवर्क की समस्या की वजह से प्रेरणा पोर्टल काम नहीं करता कुछ विद्यालयों का निरीक्षण होने के बावजूद प्रेरणा पोर्टल शो नहीं करता है। इसकी वजह से समस्या हुई होगी। जो विद्यालय छूटे हैं, उनका औचक निरीक्षण कराया जाएगा।
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