उन्नाव। परिषदीय स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को मिड-डे मील में शिक्षक भोजन परोसते तो मिले, • लेकिन उसमें हरी सब्जी, सोया बड़ी नदारद मिली। महंगाई बढ़ने से ज्यादातर स्कूलों में मेन्यू दरकिनार कर तहरी और खिचड़ी ही पकाई जा रही है। रसोई गैस का सिलिंडर महंगा होने से तहरी बनाना कम खचला साबित हो रहा है। बाहरी में 10 किलो चावल में पांच किलो हरी सब्जी और एक किलो सोयाबीन की बड़ी और 500 ग्राम तेल/ घी डालने का मानक है, लेकिन बच्चों की थाली में जो तहरी दिखी, उसमें सब्जी की जगह आलू और कुछ नाम मात्र की सोयाबीन की बड़ी नजर आई।
हसनगंज ब्लॉक में भूखे पेट पढ़ रहे छात्र
जिले में 2709 परिषदीय स्कूलों में 1883 प्राथमिक, 451 उच्च प्राथमिक व 375 कंपोजिट स्कूल संचालित हैं। एमडीएम प्रभारी रामजी के मुताबिक जसमा हाजीपुर ब कंपोजिट स्कूल में एमडीएम नहीं बन रहा है। यह प्रधान शिक्षिका ग्राम प्रधान का आपसी तालमेल न होने से दिक्कत आई है।
हिलौली ब्लॉक के मौरावां प्राचीन कपोजिट स्कूल में निर्धारित समय पर तहरी परोसी जा रही थी। स्कूल में पंजीकृत 100 छात्रों में 57 उपस्थित थे। प्रधान स्कूल 01 शिक्षक नीरज कश्यप ने बताया कि कनवर्जन कास्ट से से लागत अधिक आ रही है। प्राथमिक स्कूल में प्रति छात्र 4.75 रुपये और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में 7.45 रुपये प्रति छात्र कनवर्जन कास्ट मिलती है। इस समय दूध से लेकर फल और सब्जियों के दम बड़े हैं। इससे भोजन बनाने में परेशानी हो रही है।
ये है मेन्यू
सोमवार- रोटी सब्जी, दाल की बड़ी,ताजा मौसमी फल
मंगलवार- दाल- चावल
बुधवार-तहरी, गर्म दूध
गुरुवार-रोटी दाल
शुक्रवार - तहरी जिसमे मौसमी सब्जी व सोयाबीन हो
शनिवार-चावल व सोयाबीन युक्त मौसमी सब्जी।

