वाराणसी। माध्यमिक विद्यालय के शिक्षकों व कर्मचारियों के एनपीएस फंड को बिना अनुमति निजी बैंकों में स्थानांतरित किए जाने के मामले में बृहस्पतिवार को शिक्षक व लिपिक सहित अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। इस मामले में डीआईओएस ने कैंट थाने में तहरीर दी थी।
जिले के 104 विद्यालयों के 541 शिक्षक व कर्मचारियों के 50 करोड़ रुपये निजी बैंकों में स्थानांतरित कर दिए गए। संयुक्त शिक्षा निदेशक रामशरण सिंह मामले की जांच कराई। साथ ही डीआईओएस को मुकदमा दर्ज कराने का आदेश दिया। डीआईओएस ने पांच नवंबर को तहरीर दी थी। अब पुलिस ने मामले की जांच के बाद बुधवार को रात में शिक्षक अरुण कुमार सिंह और लिपिक रवि जॉय ल्यूक सहित अन्य पर मुकदमा दर्ज किया। दोनों पर अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षक व शिक्षणेतर कर्मचारियों के एनपीएस फंड (नवीन पेंशन योजना) को एसबीआई, यूटीआई रिटायरमेंट एवं एलआईसी पेंशन फंड को खाते के साथ ही धनराशि को निजी बैंकों में स्थानांतरित करने का आरोप है।
थाना प्रभारी दुर्गेश कुमार मिश्रा ने बताया कि जांच में एनपीएस की धनराशि निजी बैंक में स्थानांतरित किए जाने का मामला सही पाया गया। दोनों पर धोखाधड़ी सहित अन्य मामलों में मुकदमा दर्ज किया गया है। संयुक्त शिक्षा निदेशक रामशरण सिंह ने बताया कि मामले की जांच शिक्षक नेता सुधांशु शेखर त्रिपाठी की शिकायत के बाद कराई गई थी। इसमें फंड में जालसाजी का मामला सामने था। उन्होंने बताया कि माध्यमिक विभाग के निदेशक से इस मामले की तकनीकी जांच कराने की मांग की गई है।
पहले ही निलंबित
लिपिक रवि जॉय ल्यूक राजकीय इंटर कॉलेज जक्खनी एवं शिक्षक अरुण कुमार सिंह सीएम एंग्लो बंगाली इंटर कॉलेज में तैनात थे। मगर दोनों डीआईओएस कार्यालय में संबद्ध थे। जांच के बाद मामला प्रकाश में आने के बाद दोनों को निलंबित कर दिया गया।

