कानपुर देहात। शिक्षण कार्य में लापरवाही बरतने व कायाकल्प, निपुण मिशन में रुचि न लेने पर चार प्रधानाध्यापकों को बीएसए ने निलंबित कर दिया है। पिछले माह खंड शिक्षा अधिकारी के निरीक्षण पर खामियां निकल कर सामने आई थी। रिपोर्ट आने पर बीएसए ने कार्रवाई की है। साथ ही शिक्षण कार्य के प्रति लापरवाही बरतने पर अन्य शिक्षकों को कड़ी हिदायत दी है।
बीएसए रिद्धि पांडेय ने बताया कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार को लेकर तमाम नवाचार किए जा रहे हैं। स्कूलों में बच्चों की छात्र संख्या बढ़े, इसके लिए जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है। बेहतर शिक्षा के लिए स्कूलों में कायाकल्प के तहत सुधार कराया जा रहा है। वहीं निपुण मिशन के तहत बच्चों में शिक्षा के स्तर में सुधार लाया जा रहा है। इसकी समय समय पर समीक्षा भी जा रही है। इसके बाद भी कुछ स्कूलों में लापरवाही बरतने की बात सामने आ रही थी। इसकी जांच कराने पर कई जगह घोर लापरवाही मिली है। निरीक्षण के दौरान रसूलाबाद ब्लॉक के पहाड़ीपुर उच्च प्राथमिक स्कूल का निरीक्षण कराया गया। इसमें काफी लापरवाही मिली। बीएसए ने बताया कि यहां पर निरीक्षण के दौरान प्रधानाध्यापक कमलेश कुमारी, सहायक अध्यापक प्रीतपाल कौर मौजूद मिली थी। स्कूल में कायाकल्प के तहत रंगाई पुताई नहीं कराई गई थी। विद्यालय में 30 बच्चे पंजीकृत मिले। जबकि 10 से 12 बच्चे ऐसे पाए गए जिनका नामांकन गलत पाया गया। जबकि मौजूद बच्चों ने बताया कि वह दूसरे विद्यालय में पढ़ते हैं। इस पर प्रधानाध्यापक को निलंबित किया गया है। सहायक अध्यापक को चेतवानी जारी की गई है। वहीं प्राथमिक स्कूल कारेरामपुर के निरीक्षण में प्रधानाध्यापक रवि प्रताप सिंह के कभी -कभी आने की जानकारी हुई। मौजूद शिक्षक अभिलेख भी नहीं दिखा पाए। इस पर रवि प्रताप सिंह को निलंबित किया गया है। कंपोजिट स्कूल पूरनपुर रसूलाबाद के निरीक्षण में प्रधानाध्यापक सुमन तिवारी के समय से आने की शिकायत मिली। रजिस्टर की जांच करने पर हस्ताक्षर में भिन्नता मिली। विद्यालय में रंगाई, पुताई, मल्टीपल हैंडवाश नहीं पाया गया। कार्य में लापरवाही व विद्यालय समय से आने पर उन्हें भी निलंबित किया गया है। इसी तरह लालगांव के प्रधानाध्यापक सत्येंद्र सिंह को निलंबित किया गया है। बीएसए ने बताया कि यहां पंजीकृत 57 बच्चों में मात्र छह बच्चे ही उपस्थित पाए गए थे। यहां पर निपुण तालिका, शैक्षिक डायरी नहीं बनी पाई गई। कायाकल्प के कार्य भी अधूरे मिले थे। बीएसए ने बताया कि चारों प्रधानाध्यापकों को निलंबित करने के साथ ही संबंधित ब्लॉक के खंड शिक्षा अधिकारी को कड़े निर्देश दिए गए हैं कि वह समय- समय पर स्कूलों का निरीक्षण कर छात्र संख्या, शिक्षण व्यवस्था व कायाल्प, निपुण मिशन की हकीकत जांचे।

