मथुरा। प्रयागराज में माध्यमिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों व कर्मचारियों के एनपीएस खातों की धनराशि बगैर अनुमति के निजी कंपनियों में निवेश करने का मामला सामने से स्थानीय शिक्षकों की जान भी हलक में है। उन्हें डर सता रहा है कि कहीं उनकी गाढ़ी कमाई भी तो निजी कंपनियों में निवेश नहीं हो गई है।
हाल ही में प्रयागराज में यह गड़बड़झाला सामने आया है। यहां माध्यमिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों व कर्मचारियों के एनपीएस खातों का लगभग 80 करोड़ रुपये बिना खाताधारक की अनुमति के निजी कंपनियों में निवेश करने के घोटाले का खुलासा हुआ है। जबकि नियमानुसार एनपीएस की धनराशि एसबीआई, एलआईसी व यूटीआई में ही निवेश करना होता है।
शिक्षकों व कर्मचारियों से इसकी ही सहमति ली जाती है। यह मामला सामने आने से शिक्षा विभाग में हलचल है। शिक्षक-कर्मचारी खासे परेशान हैं कि कहीं उनके एनपीएस खातों की भी वह जांच कर रहे हैं कि कहीं उनके खातों से भी इस तरह का कोई खेल तो नहीं हुआ है। वित्त एवं लेखाधिकारी के पास जाकर शिक्षक अपने खातों की जानकारी ले रहे हैं।
शिक्षा निदेशक ने डीआईओएस को दिए जांच के निर्देश
इस मामले को लेकर शिक्षा निदेशक ने भी जिला विद्यालय निरीक्षकों को पत्र लिखकर मामले में जांच के निर्देश दिए हैं। ताकि यदि किसी अन्य जिले में इस तरह के मामले हैं तो उन्हें दिखवाकर उन पर भी जांच कराई जा सके और जिम्मेदारों पर कार्रवाई हो सके।
वर्जन
प्रयागराज में सामने आए मामले के बाद शिक्षा निदेशक ने जांच के निर्देश दिए हैं। यहां जांच करा ली गई है। फिलहाल ऐसा कोई प्रकरण सामने नहीं आया है।
- भास्कर मिश्र, जिला विद्यालय निरीक्षक
.jpg)
