मैनपुरी। पांच माह से वेतन नहीं मिलने के विरोध में समायोजित शिक्षकों ने लेखाधिकारी कार्यालय में जमकर हंगामा किया। इसके बाद लेखाधिकारी का घेराव कर नारेबाजी की। शिक्षक वेतन के लिए आदेश जारी करने का दबाव बना रहे थे। शिक्षकों और लेखाधिकारी के बीच नोंकझोंक भी हुई। हंगामे और घेराव से परेशान लेखाधिकारी का रक्तचाप कम हो गया और हालत बिगड़ते देख उन्हें दवाई लेनी पड़ गई। हंगामे की सूचना पर कोतवाली पुलिस भी पहुंच गई। बाद में मौके पर पहुंचे एसडीएम ने बीएसए से फोन पर बात की और नौ जनवरी तक दिसंबर का वेतन दिलाने का आश्वासन दिया। नवनियुक्त और समायोजित शिक्षकों ने डीएम को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को दिया।
मंगलवार को पूर्वाह्न 11 बजे प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के बैनरतले समायोजित और नवनियुक्त शिक्षकों ने लेखाधिकारी कार्यालय पहुंच कर वेतन की मांग को लेकर हंगामा शुरू कर दिया। शिक्षकों ने लेखाधिकारी का घेराव कर उनके विरोध में नारेबाजी शुरू कर दी। दोपहर करीब एक बजे शिक्षकों और लेखाधिकारी के बीच नोंकझोंक शुरू हो गई। इससे दबाव में आए लेखाधिकारी शीलेंद्र कुमार का रक्तचाप कम हो गया और उनकी हालत बिगड़नेे लगी। उन्होंने दवाई ली और हंगामे की सूचना पुलिस को दी। पुलिस मौके पर पहुंच शिक्षकों को समझा बुझाकर शांत किया। पुलिस के पहुंचने के बाद भी शिक्षकों ने लेखाधिकारी को कार्यालय से उठने नहीं दिया।
दोपहर बाद करीब तीन बजे एसडीएम सदर एसएन यादव मौके पर पहुंचे और लखनऊ बैठक में भाग लेने गए बीएसए से वेतन के संबंध में फोन से वार्ता की। बाद में एसडीएम ने शिक्षकों को आश्वासन दिया कि नौ जनवरी तक उन्हें दिसंबर का वेतन दिला दिया जाएगा। इससे पूर्व का भी जल्द ही वेतन दिलाया जाएगा। एडीएम के आश्वासन पर शिक्षकों ने घेराव स्थगित कर दिया। प्रदर्शन में जिलाध्यक्ष राजीव यादव, मंत्री महेंद्र प्रताप सिंह, शिक्षामित्र वेलफेयर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष हेमसिंह यादव, शिव कुमार मिश्रा, सतीश समर्थ, योगेश यादव, अशोक यादव, सुरेंद्र यादव, वंदना चौहान आदि शामिल थे।

