बथनाहा प्रखंड की महुआवा पंचायत मध्य विद्यालय, महुआवा के प्रधान प्रमोद कुमार से एक भी शिक्षक और शिक्षिका खुश नहीं हैं. स्कूल में दर्जन भर शिक्षक व शिक्षिका हैं, पर सब के सब प्रधान से खफा हैं. काफी दिनों तक इंतजार के बाद प्रधान शिक्षक की कार्यशैली में कोई बदलाव नहीं आने पर सभी शिक्षक और शिक्षिकाओं ने संयुक्त रूप से डीईओ को आवेदन दिया है, जिसमें प्रधान की कार्यशैली का विस्तारपूर्वक उल्लेख किया गया है. आरोपों में एक यह भी है कि वे शिक्षक व शिक्षिकाओं को प्रताड़ित करते है. गाली के साथ ही जान से मारने की भी
धमकी देने का आरोप लगाया गया है. सामूहिक तबादला करने की मांगः प्रधान शिक्षक कुमार की कथित मनमानी से आजिज होकर शिक्षकों ने डीईओ को लिखा है. बताया है कि किसी भी समस्या के निदान की बात करने पर प्रधान द्वारा पैसे का डिमांड किया जाता है. अन्यथा खुद ही निदान कर लेने की बात कही जाती है. विद्यालय से जुड़ी समस्याओं को उठाने पर प्रधान द्वारा शिक्षकों को गाली दिया जाता है. हत्या की भी धमकी दी जाती है. प्रधान कुमार की कार्यशैली से क्षुब्ध होकर शिक्षकों ने डीईओ से मामले की जांच करा संतुष्ट होने के साथ ही सामूहिक तबादला करने की भी मांग की है.
प्रधान के खफा होने का कारण. जिन 12 शिक्षक व शिक्षिकाओं ने प्रधान के खिलाफ मोर्चा खोला है, उनमें क्रमशः तेजनारतन राम, राजेश कुमार, नवीन कुमार, अर्चना कुमारी, धर्मवीर कुमार, मुकेश कुमार, बलिराम कुमार, जयप्रकाश कुमार, नीतू कुमारी, कन्हैया कुमार, नेहा कुमारी व सुजीत कुमार आदि शामिल है. इन सबों का आरोप है कि वर्ष 19 से विकास मद में प्रतिवर्ष एक लाख रुपया मिलता है, पर कोई कार्य नहीं कराया गया है. वर्ग संचालन हेतु सामग्री नही उपलब्ध कराई जाती है. जलावन पर ही एमडीएम बनाया जाता है. एमडीएम बनाने के लिए बर्तन घर पर ले जाया जाता है. स्वीपर की बहाली के बावजूद रसोइया से सफाई कराया जाता है. शौचालय को बंद रखा जाता है. 12 लाख रुपया मिलने के बाद भी नया शौचालय नहीं बनाया जा रहा है. खेल मद में 10 हजार रूपये मिलने के बावजूद बच्चों को खेल सामग्री नही दिया जाता है. राशि मिलने के बाद भी मरम्मत का कार्य नही कराया गया है. इन्हीं सारी बातों को उठाने पर प्रधान शिक्षक द्वारा शिक्षक/ शिक्षिकाओं को प्रताड़ित किया जाता है.
कहते हैं आरोपित प्रधान शिक्षक.
आरोपित प्रधान शिक्षक प्रमोद कुमार ने शिक्षकों के आरोपों पर है कि शौचालय निर्माण के लिए राशि उपलब्ध नही कराई गई है. बच्चों के लिए विभाग से थाली नही मिला हुआ है. उन्होंने सभी आरोपों को निराधार बताया है.

