भीषण गर्मी को लेकर छात्रों की उपस्थिति में कमी, विद्यालय प्रधान हो रहे परेशान
बेगूसराय शि.प्र. (जससे)। सरकारी विद्यालयों में छात्रों की
उपस्थिति को लेकर शिक्षा विभाग के अपर सचिव के के पाठक ने कई तरह के हथकंडे अपनाए इसके बावजूद शिक्षकों की उपस्थिति को लेकर जितनी शिक्षा विभाग कड़े तेवर दिखा रहे हैं ठीक उसके विपरीत बच्चों की उपस्थिति कम होना प्रश्न वाचक चिन्ह खड़ा करता है बताते चले की प्रातः कालीन विद्यालय होने की वजह से कई विद्यालयों में छात्रों की उपस्थिति कम होने लगे है।
ज्यादातर छात्र छात्रएं गरीब परिवार से आते हैं जिनके मां सुबह में समय पर नास्ता नहीं दे पाती है जिसके वजह से बच्चे विद्यालय में जब आते हैं तो बेहोश हो जाते हैंऔर पेट दर्द की शिकायत शिक्षक से करते है। जिसकी कई शिकायत शिक्षा विभाग को भी मिलती रही है तो वहीं कई वायरल तस्वीर भी हैं जिसमें विद्यालय की शिक्षक के द्वारा छात्रों की बैच पर लेटा कर पानी के छीटें देते देखे गए हैं इसके बाद परिजन की सूचना दे दी जाती है कि अपने बच्चों को ले जाएं वहीं विद्यालय प्रध्ान भी अपनी जवाब देही कागज पर ही पूरा कर देते हैं।
जहां शिक्षा विभाग के अपर सचिव के के पाठक ने विद्यालयों में ७५: छात्रों अनिवार्य है जिसकी उपस्थिति को लेकर मुहिम भी चलाए गए थे वहीं जिस विद्यालय में छात्रों की उपस्थिति ७५ प्रतिशत से नीचे होते थे तो उस विद्यालय के प्रधान को कार्यालय में बुलाकर सदेह उपस्थित होने को कहा जाता था इसी से बचने कोलेकर ज्यादातर विद्यालय के प्रधान ने कागज पर ही छात्रों की उपस्थिति पूरी करनी शुरू कर दी जिसकी जानकारी शिक्षा विभाग को भी है अब सवाल उठता है कि जिस सरकारी विद्यालय में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को लेकर शिक्षा विभाग कमर कसी हुई है तो वहीं छात्रों की उपस्थिति कम होना कई तरह के सवाल खड़े कर रहे हैं क्या शिक्षकों के द्वारा ६:०० बजे सुबह विद्यालय पहुंच जाने से छात्रों की उपस्थिति बढ़ जाएगी इस संदर्भ में कई शिक्षकों से जब पूछा तो उन्होंने बताया कि मेरा नाम अखबार में नहीं छापेंगे नाहीं तो मेरा वेतन काट लिया जाएगा नाम नहीं छापने की बात कहने पर उन्होंने बताया कि जब हम लोगों को काफी परेशानी हो रही है तो उन गरीब परिवार के बच्चे जो आते हैं।
जिनकी दूरी से २ किलोमीटर की है क्या यह बच्चे ५:४५ बजे विद्यालय पहुंच पाएंगे क्या उनकी मां के द्वारा नाश्ता दे दी जाएगी इन्हीं वजह से बच्चों की उपस्थिति विद्यालय में कम है जहां एक ओर निजी और सेंट्रल स्कूल में गर्मी की छुट्टी अब शुरू हुई है तो वहीं बिहार में सरकारी विद्यालयों में गर्मी की छुट्टी १५ मई को समाप्त भी हो गई है देश का यह पहला राज्य है जहां गर्मी की छुट्टी १५ मई को ही समाप्त हो गई वहीं इस दौरान विद्यालय भी खुली रहे जिसमें दक्ष कक्षा का संचालन किया जा रहा था।
भीषण गर्मी की वजह से छात्र बेहोश भी विद्यालयों में हो रहे हैं बताते चले कि इसी संदर्भ में विधान परिषद के सदस्य सर्वेश सिंह ने भी विद्यालय के समय सारणी में बदलाव की मांग किया था वही राज्य भर के १२ विधान परिषद सदस्यों ने भी संयुक्त हस्ताक्षर के माध्यम से विद्यालय के समय सारणी में बदलाव की मांग की इसके बावजूद समय सारणी में कोई बदलाव नहीं हुआ जिसकी वजह से विद्यालय में छात्रओं की उपस्थिति गर्मी की वजह से कम होने लगी है।

