गंगेश्वरी क्षेत्र में सरकारी स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था बदहाल
गंगेश्वरी (विधान केसरी)। खादर क्षेत्र में सरकारी स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था बदहाल है। यहां के स्कूलों में अधिकतर शिक्षक या तो समय से स्कूल नहीं पहुंचते हैं या फिर सप्ताह में एक दो बार आकर अपनी उपस्थति दर्ज कराकर चले जाते हैं। ऐसा ही एक मामला मंगलवार को देखने को मिला जहां एक स्कूल में प्रधानाध्यापक व सहायक अध्यापक के अलावा एक शिक्षा मित्र की तैनाती हैं। इस स्कूल में शिक्षामित्र तो मौके पर बच्चों को पढ़ाते मिले गये जबकि विद्यालय में तैनात प्रधानाध्यापक व सहायक अध्यापक मौके से नदारद मिले जब इस संबंध में शिक्षामित्र से जानकारी लेनी चाहिए तो वह चुप्पी साधे रहें।
बता दें कि सरकार ग्रामीण क्षेत्र में सरकारी स्कूलों बेहतर शिक्षा व्यवस्था बनाने के लिए लाखों रुपए प्रतिमाह खर्च कर रही है, लेकिन इसके बाद भी जिले के अधितकर स्कूलों में हालात इसके उलट हैं। जिले के खादर क्षेत्रो में तो हालात ज्यादा ही खराब हैं। विधान केसरी की टीम मंगलवार करीब साढ़े आठ बजे गंगेश्वरी ब्लाक क्षेत्र के गांव प्राथमिक विद्यालय उकावली पहुंची तो यहां स्कूल में शिक्षा मित्र बच्चों को पढ़ाते मिले। जबकि प्रधानध्यापक व सहायक अध्यापक मौके से गायब मिले। यहां मौजूद शिक्षामित्र से विद्यालय स्टाफ के बारे में जानकारी ली तो उन्होने बताया कि विद्यालय में प्रधानाध्यापक व सहायक अध्यापक के साथ-साथ एक शिक्षामित्र तैनात हैं। उन्होने बताया कि वह शिक्षा मित्र के पद पर कार्यरत हैं।
जब उनसे प्रधानाध्यापक व सहायक अध्यापक के बारे में जानकारी ली तो वह चुप्पी साध गये। जब उक्त अध्यापको के संबंध में ग्रामीणों से जानकारी ली तो उन्होने बताया कि विद्यालय में तैनात प्रधानध्यापक व सहायक अध्यापक तो सप्ताह में एक या दो बार ही विद्यालय आते हैं और अपनी उपस्थिति दर्ज कर चले जाते हैं। ऐसे में सवाल यह उठता है कि सरकार सरकारी स्कूलो के प्रति कितना गंभीर हैं। मुख्यमंत्री खुद समय-समय पर आपके द्वारा मामला संज्ञान में आया है। जांच कराकर अग्रिम कार्यवाही अमल में लाई जायेगी।
शिक्षा व्यवस्था बेहतर बनाये रखने के लिए अधिकारियों को निर्देश देते रहते हैं, लेकिन इसके बाद भी उक्त शिक्षों को किसका संरक्षण प्राप्त है जो कि विद्यालय आना भी उचित नहीं समझते।
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