बीपीएससी के प्रथम एवं द्वितीय चरण में बहाल राज्य के बाहर के 49 शिक्षकों का आरक्षण का गलत लाभ उठाने के कारण नौकरी जाएगी. विभागीय निर्देश के आलोक में डीइओ समर बहादुर सिंह ने जिले के विभिन्न प्रखंडों में पदस्थापित इन शिक्षकों से तीन दिनों के अंदर स्पष्टीकरण उपलब्ध कराने को कहा है. कहा है कि बिहार लोक सेवा आयोग के विज्ञापन में निहित प्रावधान के अनुसार किसी भी प्रकार के आरक्षण का लाभ सिर्फ बिहार राज्य के निवासियों को दिया जाना था तथा राज्य के मूल निवासी ही आरक्षण का यह लाभ प्राप्त कर सकते हैं.
राज्य के बाहर के निवासी इस अधिनियम के अधीन आरक्षण के लाभ का दावा नहीं कर सकते. वही 15 मई 2024 के द्वारा स्पष्ट किया गया है
कि राज्य के बाहर के अभ्यर्थियों को पात्रता परीक्षा में प्राप्त अंक के लिए 5% की छूट देय नहीं होगी. शिक्षक पात्रता परीक्षा का प्राप्तांक 60% से कम होने के कारण उम्मीदवारी निरस्त करने योग्य है. इस संबंध में संबंधित शिक्षकों से तीन दिनों के अंदर स्पष्टीकरण की मांग की गई है. स्पष्टीकरण समर्पित नहीं किए जाने की स्थिति में यह माना जाएगा की संबंधित को कुछ नहीं कहना है. तदनुसार विभागीय कार्रवाई की जाएगी.
दरभंगा. बीपीएससी से बहाल
शिक्षकों में कुशेश्वरस्थान पूर्वी के देवकीनंदन, कुसुम लता यादव, प्रतिभा कांत, किरतपुर की कुमारी समीक्षा, केवटी की राधिका यादव, तपस कुमार मंडल, गौड़ा बौराम के चंद्र प्रकाश, कमलेश कुमार, घनश्यामपुर के लेखिका, जाले की रितिका वर्मा, बहेड़ी की शिवानी, पूजा, बहादुरपुर की ज्योति, विरौल की अंजली कुशवाहा, बेनीपुर की पारुल रानी, ममता देवी, नूर सना, मनीगाछी की कुमारी अर्चना, निधि तिवारी, सदर की राजनंदिनी, मंगेश लता, सिंहवाड़ा की गरिमा प्रजापति, के एम मानसी, हनुमाननगर की सीमा यादव, नरेंद्र कुमार, हायाघाट की आरती देवी, सजारा खातून, अलीनगर की उजाला पटेल, अर्चना कुमारी, रेखा देवी, केवटी की साहिबा बानो, जाले की सुशीला, बहादुरपुर के अभिषेक सिंह, अर्चना गुप्ता, बहेड़ी की प्रिया भदोरिया, बेनीपुर की प्रतिभा, मनीगाछी की कांति देवी, अर्चना कुशवाहा, सदर की कंचन कुशवाहा एवं हनुमान नगर की हुमैरा खानम पर गलत आरक्षण का लाभ लेने पर कार्रवाई तय है. इन सभी को विभिन्न स्तर की पात्रता परीक्षा में 60% से कम अंक है, किंतु 5% का छूट प्राप्त कर आरक्षण के लाभ के आधार पर नौकरी पाने में कामयाब रहे।

