बारसोई, निज प्रतिनिधि। प्राथमिक विद्यालय मनोहारी स्कूल में 44 सांप निकलने के बाद मंगलवार को उत्क्रमित मध्य विद्यालय फुहागांव में 12 गेहूंअन सांप व उसके बच्चे मिले है। स्कूल के शिक्षकों ने सुरक्षा की दृष्टि से तत्काल छात्रों को ऊपरी तल पर भेजा और फिर कुछ ग्रामीणों ने मिलकर सारे सांप को पकड़कर बोरा में बंद करके बाहर निकाला। इस घटना के बाद से स्कूल के छात्र-शिक्षक सहित अभिभावक सभी डरे हुए है। बता दे की लगभग एक दर्जन जहरीले सांप के बच्चे को रेस्क्यू कर स्थानीय ग्रामीण ने
जिंदा सांप को बोरे में बंद कर रखा है। इस संबंध में स्कूल के प्रधानाध्यापक विजय कुमार यादव ने कहा कि सुबह में जैसे ही स्कूल पहुंचे तो कुछ कक्षा से सांप के बच्चे रेंगते हुए निकल रहे थे। इससे देख पढ़ाई कर रहे बच्चे चिल्लाने लगे। सबसे पहले स्कूल के छात्र- छात्राओं को स्कूल के दूसरे मंजिल में सुरक्षित पहुंचाया गया। इसके बाद जहरीले सांपों को स्थानीय ग्रामीण ने रेस्क्यू करते हुए सांपों को पकड़कर एक बोरे में बंद किया। इस घटना की सूचना पर प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी मुमताज अहमद ने कहा कि सूचना प्राप्त हुई है कि फुहागांव स्कूल में जहरीले सांप निकल रहे हैं। स्कूल के प्रधानाध्यापक को निर्देश दिया गया है कि सबसे पहले स्कूल के छात्र- छात्राओं को सुरक्षित स्थान पर रखा जाए तथा शिक्षा समिति की बैठक बुलाकर छात्र-छात्राओं को छुट्टी देते हुए स्कूल की साफ-सफाई एवं स्कूल के कीटनाशक का दवाई तथा पूरे स्कूल को सेनिटाइज करने को कहा गया है। बारिश की वजह से बाहर निकल रहा सांप-चूहाः पर्यावरणविद डॉ. टीएन तारक ने कहा कि बारिश के कारण सांप और चूहे के बिल में पानी प्रवेश कर जाता है। ऐसे में सांप अपने बच्चों के साथ बाहर निकलकर सुरक्षित स्थान तलाशता है। आसपास के जो भी मकान होते है उसमें प्रवेश कर जाता है। इन सांप को मारना नहीं चाहिए। क्योंकि 10 प्रतिशत सांप ही जहरीला होता है। वहीं वन विभाग के रेंजर एसके झा ने बताया कि उन्हें विभाग के द्वारा इसकी सूचना नहीं दी जाती है। वन विभाग को अगर सूचना मिले तो फिर टीम जाकर सांप को पकड़कर सुरक्षित स्थान पर छोड़ देगी। जिला शिक्षा पदाधिकारी अमित कुमार ने बताया कि यह दूसरा स्कूल है। चारों तरफ सेनिटाइज करने के लिए कहा गया है। स्कूल खुलने से पहले पूरे परिसर की जांच, कक्षा की जांच अनिवार्य रूप से करना है। पठन-पाठन के दौरान शिक्षक निगरानी रखें।

