जिले के सभी प्रखंडों के कार्यालयों में कार्यरत शिक्षा विभाग के पदाधिकारियों और कर्मचारियों के साथ-साथ शिक्षक को भी कार्यस्थल के समीप ही अपना आवास रखना होगा। विशेष परिस्थिति में ऐसे कर्मी अनुमंडल में रह सकते हैं पर, किसी हाल में जिलास्तर पर उन्हें आवास रखने की इजाजत नहीं दी जायेगी। इसको लेकर क्षेत्रीय शिक्षा उपनिदेशक सारण ने जिला शिक्षा पदाधिकारी को पत्र लिखा है।
साथ ही जिला शिक्षा पदाधिकारी को इस बात का एक घोषणा पत्र भी देने के लिए आदेश किया है कि वह इस बात की घोषणा करें कि उनके जिले में कोई भी लिपिक व शिक्षक दूसरे जिले में आवास नहीं रखे हुए हैं। क्षेत्रीय शिक्षा उपनिदेशक सारण ने स्पष्ट कहा कि जिले में शिक्षा विभाग में पदस्थापित सभी तरह के कर्मियों और शिक्षकों को जिले में ही आवास रखना होगा।
अगर दूसरे जिला से आकर ड्यूटी करेंगे तो ऐसे कर्मियों पर भी विभाग की ओर से कार्रवाई की जाएगी।
मालूम हो कि जिला शिक्षा पदाधिकारी ने क्षेत्रीय शिक्षा उपनिदेशक को पत्र भेजकर जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय में पदस्थापित लिपिक लखन प्रसाद यादव का ट्रांस्फर दूसरे जिले में करने के लिए अनुशंसा की थी। इस पत्र को क्षेत्रीय शिक्षा उपनिदेशक ने गंभीरता से लेते हुए उलटे जिला शिक्षा पदाधिकारी से ही कारण पृच्छा कर दिया है। उन्होंने डीईओ से कारण पृच्छा में स्पष्ट कहा है कि ऐसा प्रतीत होता है कि जिला अन्तर्गत इस तरह के अन्य कर्मी एवं शिक्षक कार्य अवधि के बाद मुख्यालय से बाहर रहते है। जिसका संज्ञान आपको है, जो आपके निष्क्रियता एवं लापरवाही का द्योतक है। क्षेत्रीय शिक्षा उप निदेशक ने पूछा है कि क्यों नही इस आशय से संबंधित प्रतिवेदन विभाग को उपलब्ध करा दी जाय। उन्होंने कहा कि है कि जिला शिक्षा पदाधिकारी यह प्रमाणित करेंगे कि आपके क्षेत्राधीन पदस्थापित कोई कर्मी एवं शिक्षक मुख्यालय से बाहर नही रहते है।

