रसगुल्ले खाकर भी वोट नहीं देने पर वोटर को नोटिस
जागरण संवाददाता, बागपतः सावधान ! चुनाव में अब उम्मीदवार की दावत उड़ाना मतदाता को महंगा पड़ सकता है। सहकारी चीनी मिल बागपत के चुनाव में हार होने पर एक उम्मीदवार ने कई वोटर को वकील के माध्यम से नोटिस भेजकर दावत तथा गाड़ी खर्च लौटाने पर अदालत में परिवाद करने की चेतावनी दी। सहकारी चीनी मिल के विभिन्न
पदों के लिए गत सप्ताह चुनाव संपन्न हुआ है। लेकिन एक गांव के कई मतदाता तब हैरान और परेशान हो गए जब उनके घर उम्मीदवार के नाम से नोटिस पहुंचे। वकील ने भेजे नोटिस में संबंधित मतदाता को संबोधित कर कहा कि उन्होंने उनके व्यवहारी यानी प्रत्याशी से उपहार में 350 रुपये की बर्फी तथा 350 रुपये के बंगाली रसगुल्ला तथा गांव से मिल तक वोट डालने जाने के लिए 500 रुपये टैक्सी किराया लिया। कुल 1200 रुपये का उपहार लिए गए। इसके बावजूद आपने ने उन्हें वोट नहीं दी।
नोटिस में कहा गया कि उनके वोट नहीं देने से उम्मीदवार को 10 हजार
• सहकारी चीनी मिल के डेलीगेट पद के चुनाव का मामला
हार के बाद प्रत्याशी के वकील ने वोटरों को भेजे नोटिस
रुपये का नुकसान हुआ है तथा 25 हजार रुपये वकील फीस बनती है। इसलिए 36 हजार रुपये उम्मीदवार को लौटाकर रसीद प्राप्त करने के लिए कहा गया है। यदि रुपये नहीं लौटाने पर अदालत में उनके खिलाफ प्रतिवाद दायर करने की चेतावनी दी। नोटिस मिलते ही संबंधित वोटर की नींद उड़ गई और वह इस नोटिस को लेकर उस व्यक्ति के पास पहुंचा जिस उम्मीदवार की ओर से नोटिस भेजा गया। तब उस उम्मीदवार ने इस मतदाता से हैरानगी जताते हुए ऐसा कोई नोटिस भेजने से साफ इंकार करते हुए कहा कि यह उनके विरोधी की करतूत हो सकती है। बता दें कि सहकारी गन्ना समितियों तथा सहकारी चीनी मिल के चुनाव में कई उम्मीदवारों की ओर से मिठाई, शराब, मुर्गा आदि की जमकर दावत चली थी।

