मृतक आश्रितों को अब तीन महीने में देनी होगी नौकरी
लखनऊ,। राज्य सरकार ने मृतक आश्रित कोटे पर अनुकंपा के आधार पर नौकरी तीन माह में देने के निर्देश विभागाध्यक्षों को दिए हैं। मुख्य सचिव एसपी गोयल ने शुक्रवार को इस संबंध में शासनादेश जारी करते हुए विभागाध्यक्षों को निर्देश भेज दिया है।
मुख्य सचिव की ओर से जारी शासनादेश में कहा गया है कि उत्तर प्रदेश सेवाकाल में मृत सरकारी सेवकों के आश्रितों को नौकरी देने की व्यवस्था है। नियमावली का मूल उद्देश्य सरकारी सेवक के आकस्मिक मृत्यु के उपरांत उसके परिवार पर आई आपदा तात्कालिक आर्थिक संकट से उसे उबारना है।
शासन की जानकारी में आया है कि सेवाकाल में मृत सरकारी सेवकों के आश्रितों की भर्ती नियमावली-1974 के आधार पर नहीं दी जा रही है। इस तरह के आने वाले अनेक मामलों में अनावश्यक देरी की जा रही है। इससे उक्त नियमावली की मूल भावना की पूर्ति न होने से इस व्यवस्था का लाभ संबंधित को समय से प्राप्त नहीं हो पा रहा है। इसके चलते मृतक आश्रित परिवारों को आर्थिक व
मानसिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। मुख्य सचिव की ओर से विभागाध्यक्षों को भेजे गए निर्देश में कहा गया है कि उक्त नियमावली के दायरे में आने वाले सभी मामलों का अधिकतम तीन माह में पारदर्शी तरीके से समयबद्ध निस्तारण किया जाएगा।
कई मामले ऐसे आ रहे हैं जो 12 से 13 वर्ष पुराने हैं
नियमावली में दी गई व्यवस्था के मुताबिक सरकारी सेवक की मौत के पांच साल तक आवेदन स्थानीय स्तर पर करना होता है। संबंधित अधिकारी को पात्रता के आधार पर नौकरी देनी होती है। पांच साल के बाद ऐसे मामलों में शासन से अनुमति लेने की व्यवस्था है। कार्मिक विभाग के पास मृतक आश्रितों को नौकरी देने के कई ऐसे मामले आ रहे हैं जो 12 से 13 साल पुराने हैं। शासनादेश जारी करते हुए तीन माह में नौकरी देने की व्यवस्था की गई है।

