प्रदेश के इन दो खेल पुरस्कारों में अब मिलेंगे 10-10 लाख, सीएम योगी का ऐलान
उत्तर प्रदेश के लक्ष्मण और रानी लक्ष्मी बाई पुरस्कार की राशि बढ़ाई जाएगी। अभी 3.11 लाख रुपये प्रति पुरस्कार विजेता को मिलती है। अगले साल से 10-10 लाख रुपये दिए जाएंगे। यह ऐलान सीएम योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को लखनऊ स्थित लोकभवन में आयोजित कार्यक्रम में खिलाड़ियों के बीच किया। कार्यक्रम में सीएम योगी ने पांच खिलाड़ियों को वीरवर लक्ष्मण और चार खिलाड़ियों को रानी लक्ष्मी बाई पुरस्कार से सम्मानित किया। इस मौके पर छह अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों को नियुक्ति पत्र भी दिए गए। क्रिकेटर रिंकू सिंह कैंप में व्यस्तता के चलते कार्यक्रम में नहीं आ सके।
इस मौके खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पिछले नौ सालों में प्रदेश सरकार ने खिलाड़ियों के सम्मान के साथ ही विभिन्न प्रकार के पुरस्कार और इन्सेंटिव उपलब्ध कराए हैं। यह राशि 200 करोड़ रुपए की है। कबड्डी, कुश्ती, खो-खो सहित अन्य तमाम प्रकार के खेलों को आगे बढ़ाने का काम किया गया। खेल प्राचीन काल से गुरुकुल और आश्रमों की दिनचर्या और पाठ्यक्रम का हिस्सा था। 25 करोड़ की आबादी का राज्य उत्तर प्रदेश भारत की युवा शक्ति का केंद्र बिंदु है। 56% युवा शक्ति उत्तर प्रदेश की ताकत है। यह कामकाजी वर्ग है। यह जब परिश्रम करता है तो उत्तर प्रदेश अपने खाद्यान्न की विकास दर को आठ फीसदी से बढ़ाकर 18 फीसदी तक पहुंचाता है। जब इसे अवसर मिलता है तो उत्तर प्रदेश जैसे बीमारू राज्य को यह युवा शक्ति भारत की अर्थव्यवस्था का ब्रेक थ्रू बनाकर उसे रेवन्यू सरप्लस स्टेट के रूप में स्थापित करके भारत के ग्रोथ का इंजन बना देता है।
इस युवा को जब उचित प्लेटफार्म प्राप्त होता है तो वह राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं, ओलंपिक-पैराओलंपिक में भारत के लिए मेडल जीतता है। सीएम योगी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के अंदर एक नई खेल संस्कृति को बढ़ावा दिया। खेलो इंडिया खेलो और फिट इंडिया मूवमेंट से आगे बढ़ाकर गांव-गांव में खेल को बढ़ावा दिया। सांसद खेलकूद प्रतियोगिता और विधायक खेलकूद प्रतियोगिता आगे बढ़ी। यही कार्यक्रम आगे बढ़े और आज हर गांव में खेलो इंडिया घर, ब्लॉक स्तर पर खेलो इंडिया केंद्र विकसित हो रहे हैं। आज गांवों में खेल के मैदान दिखते हैं। हर उम्र का व्यक्ति वहां जाकर लाभ उठा सकता है। सीएम योगी ने कहा कि गांव में खेल के मैदान और ओपेन जिम खोले गए हैं। सरकार का इन पर जोर है। विधायक-सांसद निधि से भी खेल सुविधाओं का विकास किया जा रहा है। सीएम योगी ने बताया कि सरकार ने तय किया है हर कमिश्नरी स्तर पर एक स्पोर्ट्स कॉलेज का निर्माण करेंगे। उसको किसी एक खेल के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के तौर पर विकसित करेंगे। 2030 में जब कॉमन वेल्थ गेम्स का अहमदाबाद में आयोजन होगा तो यूपी का खिलाड़ी उसे लीड कर रहा होगा।
खेल मैदानों पर भू-माफियाओं ने कर रखा था कब्जा
सीएम योगी ने कहा एक समय था जब प्रदेश में खेल प्रतिभाएं थीं लेकिन प्लेटफार्म नहीं था। खेल के मैदानों पर भू-माफियाओं ने कब्जा कर लिया था। सरकार के बजट का पैसा भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ता था। देश के अंदर खेल 2014 में सरकार के एजेंडे का हिस्सा बना। उसके पहले उपेक्षित था। प्रदेश में पहले खेल के लिए बजट नहीं था। अब हम इतना बजट देते हैं कि विभाग खर्च नहीं कर पाता। यह स्थिति 2017 के बाद बनी है। बजट कई गुना बढ़ा है। हम लोगों ने पर्याप्त बजट दिया है।

