Primary Ka Master Latest Updates👇

Friday, March 20, 2026

इस्तीफा दे चुकी शिक्षिका की छह साल बाद आई याद

इस्तीफा दे चुकी शिक्षिका की छह साल बाद आई याद


यह प्रकरण सरकारी दफ्तरों में फाइलों के मकड़जाल और बाबुओं की लालाफीताशाही का ज्वलंत उदाहरण है। विकास खंड लखीमपुर के प्राथमिक विद्यालय अग्गर खुर्द में तैनात शिक्षिका रूपा के छह साल से अनुपस्थित रहने के मामले में चौंकाने वाला मोड़ आ गया है। विभाग जिसे लापरवाही मानकर सेवा समाप्ति की नोट से भेज रहा है, शिक्षिका ने उसे विभाग की ही 'अकर्मण्यता' करार दिया है।

अपने परिवार के साथ गाज याबाद में बच्चों के पालन-पोषण में व्यस्त शिक्षिका रूपा के पास जब दैनिक जागरण की टीम पहुंची तो पता चला कि उन्होंने छह वर्ष पूर्व ही तत्कालीन बीएसए को लिखित सूचना देकर स्कूल छोड़ दिया था। उन्होंने बताया

में दिया इस्तीफा शिक्षिका का दावा, विभाग भेज रहा सेवा समाप्ति की नोटिस 2019

कि पारिवारिक समस्याओं के कारण वह गाजियाबाद से इतनी दूर नौकरी करने में असमर्थ थीं। अब बड़ा सवाल यह है कि शिक्षिका के उस नोटिस या इस्तीफे पर छह साल तक कोई संज्ञान क्यों नहीं लिया गया? घटनाक्रम के अनुसार शिक्षिका रूपा ने 18 नवंबर 2015 को कार्यभार ग्रहण किया था। विभाग के अनुसार 22 अक्टूबर 2019 से वह बिना किसी सूचना के अनुपस्थित चल रही हैं। इस दौरान प्रभारी प्रधानाध्यापक चौधरी दीनदयाल पावना बिल में उन्हें लगातार अनुपस्थित दर्शाते रहे। तहसील और ब्लाक स्तर के अधिकारियों ने कई बार विद्यालय का

में शासन ने मांगी सूची, तब खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) को आई शिक्षिका की याद 2025

निरीक्षण भी किया और रिपोर्ट भेजी, लेकिन बीएसए कार्यालय के बाबू इन चेतावनियों को रद्दी की टोकरी में डालते रहे। हैरानी की बात यह है कि 2019 से 2025 तक विभाग के किसी भी जिम्मेदार ने शिक्षिका की सुध नहीं ली। जब दिसंबर 2025 में शासन ने लंबे समय से गायब शिक्षकों की सूची मांगी, तब खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) को रूपा की याद आई। इसके बाद कार्रवाई का जो पहिया घूमा, वह सीधे सेवा समाप्ति के नोटिस तक जा पहुंचा। बीईओ ने प्रधानाध्यापक से शिक्षिका की रिपोर्ट मंगवाकर 20 दिसंबर को बीएसए को रिपोर्ट भेजी तो 23 दिसंबर को सेवा

समाप्ति की पहली नोटिस जारी की गई। 20 जनवरी 2026 को दूसरी नोटिस तथा बीती सात मार्च को अंतिम व तीसरी नोटिस जारी की गई। जो विभाग शिक्षिका को अनुपस्थित और लापरवाह बता रहा था, अब शिक्षिका के दावे के बाद मौन है।

बीएसए प्रवीण तिवारी ने कहा कि प्रकरण वाकई हैरान करने वाला है कि इतने लंबे समय तक मामला संज्ञान में क्यों नहीं आया। सेवा समाप्ति की तीसरी विज्ञप्ति जारी कर दी गई है और जल्द ही प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। शिक्षिका ने पहले कोई इस्तीफा दिया था, इसकी मुझे कोई जानकारी कार्यालय के अभिलेखों से नहीं मिली है। सवाल यह है कि यदि शिक्षिका ने 2019 में लिखित सूचना दी थी, तो वह कहां गायब हुई? अगर सूचना नहीं मिली तो विभाग छह साल से क्या कर रहा था।


इस्तीफा दे चुकी शिक्षिका की छह साल बाद आई याद Rating: 4.5 Diposkan Oleh: UP UPDATEMART

Social media link