छात्राओं की रक्षा करेगा द शैडो एप
लखनऊ। राज्य सरकार ने बेटियों की सुरक्षा-व्यवस्था को और पुख्ता करने की दिशा में एक और कदम बढ़ाया है। यूपी स्टेट इंस्टीट्यूट आफ फारेंसिक साइंसेज (यूपी एसआईएफएस) ने छात्राओं की सुरक्षा व शैक्षणिक प्रबंधन को मजबूत बनाने के लिए ‘द शैडो’ एप लांच किया है। इंस्टीट्यूट के बीटेक छात्रों ने इस एप को तैयार किया है, जो हर छात्रा के साथ उसकी परछाईं की तरह जुड़ा रहेगा। यूपी एसआईएफएस के डिप्टी डायरेक्टर चिरंजीव मुखर्जी के अनुसार द शैडो एप को इंस्टीट्यूट के छात्रों ने ही विकसित किया गया है। एप छात्राओं की शैक्षणिक
गतिविधियों के साथ ही उनके हर मूवमेंट को अधिकृत तरीके से ट्रैक करता है। कैंपस में प्रवेश, निकास, अवकाश अनुरोध और अन्य गतिविधियों को डिजिटल रूप से रिकार्ड किया जाता है, जिससे संस्थान प्रशासन को रियल-टाइम जानकारी मिलती रहती है। इसमें उपस्थिति, असाइनमेंट, परीक्षा प्रदर्शन और अकादमिक प्रगति का पूरा डेटा भी उपलब्ध रहता है, जिससे स्टूडेंट्स, पैरेंट्स व टीचर तीनों एक ही प्लेटफार्म पर जुड़े हैं। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और स्ट्डेंट्स की जिम्मेदारी भी तय होगी। एप में दिया गया ‘पैरेंट-फर्स्ट अप्रूवल सिस्टम’ इसे और खास बनाता है। इसके तहत किसी भी छात्रा के कैंपस से बाहर जाने या विशेष अनुमति से जुड़े अनुरोध पर सबसे पहले अभिभावकों की मंजूरी अनिवार्य है।
एसओएस इमरजेंसी सिस्टम से मिलेगी तुरंत मदद
द शैडो एप का एक महत्वपूर्ण पहलू इसका इंटीग्रेटेड एसओएस इमरजेंसी काल सिस्टम है। यदि कोई छात्रा किसी भी प्रकार की असुरक्षित स्थिति में आती है, तो एक बटन दबाते ही संस्थान प्रशासन और अभिभावकों को तुरंत अलर्ट मिल जाता है। यह सुविधा आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करेगी, जिससे किसी भी संभावित खतरे को समय रहते टाला जा सकता है। इसके अलावा क्यूआर-कोड आधारित डिजिटल गेट पास सिस्टम भी लागू किया गया है, जिससे कैंपस में अनधिकृत प्रवेश और अवांछनीय गतिविधियों पर पूरी तरह नियंत्रण रखा जा सके। इंस्टीट्यूट की असिस्टेंट प्रोफेसर डा. नेहा सिंह के मार्गदर्शन में इस एप को बीटेक छात्र हर्ष व आदित्य मिश्रा ने विकसित किया है।

