UP बोर्ड परीक्षा की आंसर शीट्स के मूल्यांकन से 113 टीचर बैन, 29 शिक्षक पिछले साल पाए गए थे दोषी
माध्यमिक शिक्षा परिषद की बोर्ड परीक्षा की कापियों का मूल्यांकन कार्य अब तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसी बीच गड़बड़ी और अनियमितताओं के आरोप में 113 शिक्षकों को मूल्यांकन कार्य से प्रतिबंधित कर दिया गया है, जिनमें 29 शिक्षक पिछले वर्ष की परीक्षा में दोषी पाए गए थे। यह शिक्षक मूल्याांकन से बाहर कर दिए गए हैं।
बोर्ड परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन का कार्य तीन केंद्रों पर संचालित हो रहा है और अब इसमें स्पष्ट रूप से गति आ गई है। गुरुवार को सभी केंद्रों पर पर्यवेक्षकों की निगरानी में मूल्यांकन कार्य व्यवस्थित तरीके से कराया गया। प्रशासन ने पारदर्शिता बनाए रखने के लिए परीक्षकों की तैनाती के साथ-साथ डिबार शिक्षकों की सूची भी केंद्रों को उपलब्ध करा दी है।
हाईस्कूल की कॉपियों का हो रहा मूल्यांकन
मूल्यांकन कार्य के लिए राजकीय इंटर कालेज में इंटरमीडिएट की उत्तर पुस्तिकाओं की जांच की जा रही है, जबकि आरआर इंटर कॉलेज और श्री वेणी माधव बालिका इंटर कॉलेज में हाईस्कूल की कॉपियों का मूल्यांकन हो रहा है। प्रत्येक केंद्र पर नियुक्त परीक्षकों को सूची के आधार पर जिम्मेदारी सौंपी गई है। वैसे कुल 113 शिक्षकों को मूल्यांकन कार्य से प्रतिबंधित किया गया है।
इनमें 29 शिक्षक ऐसे हैं, जिन्हें पिछले वर्ष परीक्षा के दौरान गड़बड़ी के चलते डिबार किया गया था। इसके अलावा वर्ष 2025 की परीक्षा में अनियमितता करने वाले पांच शिक्षकों को भी वर्ष 2030 तक के लिए प्रतिबंधित किया गया है। वहीं 79 परीक्षक पहले से ही आजीवन प्रतिबंधित सूची में शामिल हैं। प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि इन शिक्षकों को किसी भी स्थिति में मूल्यांकन कार्य में शामिल न किया जाए।

