निर्देश : पहली घंटी में उपस्थिति देख ही बनेगा मध्याह्न भोजन
राज्य के प्रारंभिक स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों की उपस्थिति पहली घंटी में अनिवार्य रूप से दर्ज होगी। बच्चों की उपस्थिति के आधार पर ही स्कूलों में मध्याह्न भोजन बनाना है। ऐसा नहीं करने पर इसे अनियमितता माना जाएगा। ऐसी स्थिति में संबंधित अधिकारियों और शिक्षकों पर कार्रवाई होगी।
इस संबंध में एमडीएम निदेशक विनायक मिश्र ने शुक्रवार को सभी जिला शिक्षा पदाधिकारी और जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (एमडीएम) को पत्र भेजा है। पत्र में कहा गया है कि प्रथम घंटी के बाद बच्चों की उपस्थिति दर्ज की जाती है तो माना जाएगा कि फर्जी उपस्थिति दर्ज हो रही है। इसे अनियमितता की श्रेणी में रखा जाएगा। विद्यालयों में मध्याह्न भोजन के तहत शुक्रवार या रविवार की मेन्यू में अंडा या फल का प्रावधान है, लेकिन जांच में पाया जा रहा है कि बच्चों को इसका लाभ नहीं दिया जा रहा है, जो गंभीर और खेदजनक है। एमडीएम निदेशक ने कहा कि उन्होंने सारण, औरंगाबाद जिला के विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया था। इसमें पाया कि अधिकतर विद्यालयों में बच्चों की उपस्थिति प्रथम घंटी में पंजी में दर्ज नहीं की गई थी। मेन्यू के अनुसार हरी सब्जी को शामिल नहीं किया जा रहा। रसोई घर की साफ-सफाई संतोषजनक नहीं थी। एमडीएम निदेशक ने पत्र में कहा है कि इससे स्पष्ट होता है कि विद्यालयों में नियमित निरीक्षण नहीं हो रहा है।

