जनगणना का पहला चरण शुरू, पहले दिन 1.35 करोड़ घरों को मिली संख्या
लखनऊ। प्रदेश में जनगणना 2027 के पहले चरण में मकान सूचीकरण और घरों की गणना का कार्य शुक्रवार से शुरू हो गया है। पहले ही दिन प्रदेशभर में 1.35 करोड़ से अधिक घरों तक पहुंच बनाकर उन्हें जनगणना संख्या दी गई। काशी विश्वनाथ मंदिर, ताजमहल और झांसी किले जैसे ऐतिहासिक स्थल भी इसमें शामिल हैं।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार, जनगणना का यह पहला चरण प्रदेश के 389312 मकान सूचीकरण ब्लॉकों में शुरू किया गया। प्रगणकों और पर्यवेक्षकों ने घर-घर जाकर भवनों को संख्या देने का काम शुरू किया। उन्होंने भवनों के नक्शे भी तैयार किए। पहले दिन शाम पांच बजे तक 13502160 घरों को जनगणना संख्या अंकित की गई।
काशी विश्वनाथ मंदिर, ताजमहल व झांसी किला भी जनगणना में शामिल
इस दौरान 56 मकान सूचीकरण ब्लॉकों में कार्य समाप्त कर लिया गया। इसके अतिरिक्त, 14546 मकान सूचीकरण ब्लॉकों में मोबाइल एप माध्यम से आंकड़े जुटाने का काम भी शुरू हो गया है। अधिकारियों का मानना है कि डिजिटल व्यवस्था से आंकड़ों के संकलन में पारदर्शिता आएगी और कार्य में तेजी भी आएगी।
इससे पहले प्रदेश में 7 मई से 21 मई तक स्वगणना अभियान चलाया गया था। इस अभियान के तहत लोगों ने स्वयं अपने परिवार और मकानों का विवरण ऑनलाइन दर्ज किया। अंतिम दिन तक प्रदेश में 4796158 परिवारों ने अपनी स्वगणना पूरी की। यह अभियान लोगों की जागरूकता को दर्शाता है।
तकनीक आधारित प्रक्रिया
अधिकारियों के मुताबिक, इस बार पूरी जनगणना प्रक्रिया को तकनीक आधारित बनाया जा रहा है। इसका उद्देश्य आंकड़ों का संकलन समयबद्ध और सटीक ढंग से करना है। इसके लिए जनगणना कर्मियों को विशेष प्रशिक्षण भी दिया गया है। विभाग ने दावा किया है कि जनगणना 2027 का कार्य पूरी पारदर्शिता से होगा और इसे तय समय सीमा के भीतर पूरा किया जाएगा।

