उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी से परेशान लोगों को पिछले कुछ दिनों में मौसम ने बड़ी राहत दी है। तेज धूप और उमस के बीच अचानक बदले मौसम ने लोगों को गर्मी से राहत तो पहुंचाई, लेकिन इसके साथ कई जिलों में आंधी, बारिश और ओलावृष्टि ने मुश्किलें भी बढ़ा दी हैं। राजधानी Lucknow से लेकर Kanpur तक मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं प्रदेश के 38 जिलों में बारिश, तेज हवाओं और वज्रपात को लेकर चेतावनी दी गई है। लगातार बदलते मौसम ने लोगों की दिनचर्या पर असर डाला है और किसानों की चिंता भी बढ़ा दी है।
मौसम विभाग के अनुसार उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में अगले कुछ घंटों और दिनों तक तेज आंधी और बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। भारतीय मौसम विभाग ने कई जिलों के लिए येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। खासतौर पर खुले स्थानों, खेतों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने को कहा गया है। बिजली गिरने और तेज हवाओं के कारण हादसों का खतरा लगातार बना हुआ है। बीते 24 घंटों में प्रदेश में आंधी-तूफान और खराब मौसम से 70 से अधिक लोगों की मौत की खबर ने हर किसी को चिंतित कर दिया है।
ऑरेंज अलर्ट वाले जिलों में कांसीरामनगर, फर्रुखाबाद, शाहजहांपुर, पीलीभीत, खीरी, सीतापुर, हरदोई, उन्नाव, लखनऊ, रायबरेली, कानपुर, कानपुर देहात, गोंडा और श्रावस्ती शामिल हैं। इन इलाकों में तेज गर्जना, भारी बारिश, ओलावृष्टि और वज्रपात की संभावना जताई गई है। वहीं देवरिया, गोरखपुर, संतकबीरनगर, कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, प्रतापगढ़, बुलंदशहर, मेरठ, गाजियाबाद और सहारनपुर समेत कई जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग का कहना है कि तेज हवाओं की रफ्तार कई जगहों पर काफी अधिक हो सकती है, जिससे पेड़ गिरने और बिजली आपूर्ति बाधित होने जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं।
Ghaziabad में मौसम ने अचानक करवट लेते हुए लोगों को चौंका दिया। देर रात तेज आंधी के बाद मोदीनगर क्षेत्र के निवाड़ी इलाके में जोरदार बारिश हुई। कई जगह ओले गिरने की भी खबर सामने आई। तेज हवा के कारण पेड़ झूमते नजर आए और सड़कों पर पानी भर गया। बारिश के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। गर्मी से परेशान लोगों ने राहत महसूस की, लेकिन किसानों के लिए यह बारिश चिंता का कारण बन गई। गेहूं और दूसरी फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका बढ़ गई है।
उधर Deoria में देर रात तेज हवा के साथ हुई बारिश ने कई इलाकों में नुकसान पहुंचाया। जिले के कई स्थानों पर पेड़ और बिजली के पोल गिर गए, जिससे आवागमन प्रभावित हुआ। हालांकि इस दौरान देवरिया पुलिस ने मानवता की मिसाल पेश की। पुलिसकर्मियों ने खुद सड़क पर गिरे पेड़ों को हटाकर रास्ता साफ कराया ताकि लोगों को परेशानी न हो। जिले में एक दर्जन से अधिक जगहों पर सड़कें बाधित हो गई थीं, जिन्हें प्रशासन और पुलिस की मदद से धीरे-धीरे सामान्य किया गया।
मौसम के इस बदलाव का सबसे बड़ा असर किसानों पर देखने को मिल रहा है। अचानक हुई बारिश और ओलावृष्टि से खेतों में खड़ी फसल को नुकसान पहुंच सकता है। आम और सब्जियों की खेती करने वाले किसान भी मौसम को लेकर चिंतित हैं। कई जगह तेज हवाओं के कारण पेड़ टूट गए और फसलें जमीन पर गिर गईं। ग्रामीण इलाकों में लोग लगातार मौसम की जानकारी पर नजर बनाए हुए हैं ताकि किसी बड़े नुकसान से बचा जा सके।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस समय मौसम तेजी से बदल रहा है, इसलिए लोगों को सतर्क रहना बेहद जरूरी है। अगर बहुत जरूरी न हो तो खराब मौसम के दौरान घर से बाहर निकलने से बचना चाहिए। मोबाइल फोन चार्ज रखें, बिजली उपकरणों से दूरी बनाए रखें और मौसम विभाग की सलाह का पालन करें। खासतौर पर ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को वज्रपात से बचाव के उपायों की जानकारी होनी चाहिए।
उत्तर प्रदेश में मौसम का यह बदला हुआ मिजाज आने वाले दिनों में भी देखने को मिल सकता है। हालांकि गर्मी से राहत जरूर मिली है, लेकिन आंधी, बारिश और बिजली गिरने की घटनाएं लोगों के लिए खतरा भी बन सकती हैं। ऐसे समय में सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है। मौसम विभाग की चेतावनियों को नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है, इसलिए हर व्यक्ति को सतर्क और जागरूक रहने की जरूरत है।

