मधुबनी में 3 हजार से ज्यादा शिक्षक एब्सेंट? शिक्षा विभाग में हड़कंप; एक-एक टीचर पर गिरेगी गाज
जिले में शिक्षा विभाग के सख्त निर्देशों के बावजूद बड़ी संख्या में शिक्षक ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर अपनी उपस्थिति दर्ज नहीं कर रहे हैं। जारी रिपोर्ट के अनुसार जिले के 3061 से अधिक शिक्षकों ने ऑनलाइन हाजिरी नहीं बनाई।
स्थिति यह है कि अधिकांश दिनों में भी इसी तरह की लापरवाही सामने आ रही है, लेकिन इसके बावजूद संबंधित शिक्षकों के वेतन पर अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है। विभागीय निर्देशों को नजरअंदाज करते हुए कई शिक्षक मनमानी पर उतारू हैं।
शिक्षा विभाग लगातार ई-शिक्षा कोष पर समय से उपस्थिति दर्ज कराने का निर्देश दे रहा है, फिर भी इसका पालन नहीं हो रहा। इतना ही नहीं, कई विद्यालयों में फर्जी तरीके से उपस्थिति बनाने की शिकायत भी सामने आ रही है
आरोप है कि कुछ शिक्षक घर से ही फोटो अपलोड कर या गलत थंब इम्प्रेशन का इस्तेमाल कर हाजिरी बना रहे हैं।
उपस्थिति दर्ज नहीं करने वाले शिक्षकों की सूची सामने आने के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है। विभागीय अधिकारियों ने इसे गंभीरता से लेते हुए संबंधित शिक्षकों से स्पष्टीकरण मांगने की तैयारी शुरू कर दी है।
सदर अनुमंडल के प्रखंडों की स्थिति सबसे खराब
प्रखंडवार आंकड़ों पर नजर डालें तो सदर अनुमंडल के कई प्रखंडों की स्थिति बेहद चिंताजनक है। रहिका प्रखंड में सबसे अधिक करीब 250 शिक्षक ऑनलाइन उपस्थिति से गायब पाए गए।
इसके अलावा पंडौल में लगभग 230, फुलपरास में 220 से अधिक, बाबूबरही में करीब 165, आंधराठाढ़ी में 128, बेनीपट्टी में 120 से अधिक तथा घोघरडीहा में करीब 110 शिक्षकों के नाम सूची में शामिल हैं।
वहीं जयनगर, झंझारपुर, खुटौना, लदनियां, लखनौर और बसोपट्टी प्रखंडों से भी बड़ी संख्या में शिक्षक अनुपस्थित पाए गए हैं। लगातार सामने आ रही इस लापरवाही से विभागीय मॉनिटरिंग व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं।
सूत्रों के अनुसार, विभाग अब ऐसे शिक्षकों पर सख्त कार्रवाई की तैयारी में है और भविष्य में वेतन स्थगन सहित अन्य अनुशासनात्मक कदम उठाए जा सकते हैं
