बांका में शिक्षकों ने झारखंड से लगाई ऑनलाइन हाजिरी, शिक्षा विभाग ने मांगा स्पष्टीकरण
विद्यालय में शिक्षकों की ससमय उपस्थिति सुनिश्चित कराने के लिए शिक्षा विभाग लगातार सख्ती बरत रहा है। इसमें ई-शिक्षा कोष पर शिक्षकों की ऑनलाइन हाजिरी उन्हें खूब मदद कर रही है।
इसकी समीक्षा में शुक्रवार को एक बार फिर एक दर्जन शिक्षक बांका जिला की भौगोलिक सीमा से बाहर रहकर हाजिरी बनाने का मामला सामने आया है।
बौंसी के मध्य विद्यालय विशनपुर के प्रधानाध्यापक और शिक्षक पिछले कई दिनों से झारखंड के बासुकीनाथ धाम और हंसडीहा से हाजिरी बनाते पकड़े गए हैं। विशिष्ट शिक्षिका प्रज्ञा भारती ने नौ से 11 अप्रैल तक लगातार विद्यालय से बाहर झारखंड से रहकर अपनी हाजिरी बनाई।
इस संबंध में साक्ष्य के साथ सात दिनों के अंदर स्पष्टीकरण देने का आदेश डीपीओ स्थापना संजय कुमार यादव ने दिया है। इस विद्यालय के प्रधानाध्यापक और जबरदस्त निकले।
उन्होंने पहले 15 अप्रैल से 18 अप्रैल तक फिर 27 अप्रैल और पांच मई को झारखंड से ही अपनी हाजिरी बना ली। यानी उन्होंने बिना विद्यालय विशनपुर आए ही झारखंड से हाजिरी बनाकर सरकारी सिस्टम को धूल झोंका।
इनसे सभी उक्त तिथि की वेतन कटौती करते हुए विभागीय कार्रवाई शुरू करने संबंधी स्पष्टीकरण जारी किया गया है।
डीपीओ स्थापना ने बताया कि बिना किसी विभागीय आदेश के विद्यालय के बाहर से हाजिरी बनाना गंभीर मामला है। ऐसे शिक्षकों को उस दिन विद्यालय से अनुपस्थित मानकर उसके वेतन की कटौती की जाएगी।
इसी तरह का स्पष्टीकरण एमएस सेवाग्राम मोहनपुर शंभुगंज के शिक्षक शेखर कुमार, सूईया घुठिया हाईस्कूल की शिक्षिका मनीषा कुमारी, यूएमएस डहुआ की पूजा कुमारी, एनपीएस लौगांय कटोरिया की रेखा कुमारी, उच्च विद्यालय डोमोकुमारपुर के शिक्षक अंतेश कुमार को भी जारी किया गया है।
इसके अलावा 30 अप्रैल को बांका जिला सीमा से बाहर हाजिरी बनाने वाले यूएचएस केंदुआर के कुणाल कुमार, एनपीएस पटोरिया चांदन के दिवाकर कुमार, यूएमएस हरहार कटोरिया के संजय कुमार और अंगीय कसबा उच्च विद्यालय के शिक्षक अनुराग कुमार से स्पष्टीकरण मांगा गया है। एक पखवाड़े बाद इतनी संख्या में शिक्षकों से स्पष्टीकरण जारी होने पर एक बार फिर हड़कंप मच गया है।

