आईसीटी लैब फंड में गड़बड़ी का आरोप: बिना जानकारी बिल तैयार, शिक्षकों पर दबाव
उच्च प्राथमिक विद्यालयों में आईसीटी लैब विकसित करने के लिए 1,35,000 रुपये और इनवर्टर-बैटरी खरीद के लिए 38,000 रुपये की धनराशि स्कूल प्रबंधन समितियों के खातों में भेजी गई। आरोप है कि कई विद्यालयों में प्रधानाध्यापकों को जानकारी दिए बिना पहले ही बिल तैयार कर लिए गए और बाद में उन्हें ब्लॉक संसाधन केंद्र बुलाकर उन पर हस्ताक्षर कराने का दबाव बनाया गया।
मामले की जांच शुरू हो चुकी है, लेकिन खंड शिक्षाधिकारियों की ओर से अभी तक कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया है।
करीब दो महीने पहले यूनाइटेड टीचर्स एसोसिएशन (यूटा) के जिलाध्यक्ष भानु प्रताप सिंह ने शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया था कि शिक्षकों पर चुनिंदा फर्मों से ही सामग्री खरीदने का दबाव बनाया गया। शासन के निर्देश पर सहायक शिक्षा निदेशक (बेसिक) डॉ. अजीत कुमार की ओर से जांच शुरू की गई।
जांच अधिकारी ने सभी खंड शिक्षाधिकारियों को नोटिस जारी कर विवरण मांगा है। यूटा जिलाध्यक्ष भानु प्रताप सिंह का कहना है कि मामला अभी नोटिस स्तर तक ही सीमित है और यदि दोषियों पर कार्रवाई नहीं होती है तो मुख्यमंत्री से शिकायत कर आगे की कार्रवाई की मांग की जाएगी।

