सीएमपी डिग्री कॉलेज में चार वर्षीय बीए-बीएड कोर्स को मिली मंजूरी
प्रयागराज : शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों के लिए सीएमपी डिग्री कॉलेज से अच्छी खबर है। कॉलेज में अब चार वर्षीय बीए-बीएड पाठ्यक्रम संचालित होगा। नेशनल काउंसिल फार टीचर एजुकेशन (एनसीटीई) से अनुमति मिलने के बाद कॉलेज प्रशासन ने इस पाठ्यक्रम को शैक्षणिक सत्र 2027-28 से शुरू करने का निर्णय लिया है। इसके लिए 120 सीटों की स्वीकृति मिली है। यह पाठ्यक्रम इंटीग्रेटेड टीचर एजुकेशन प्रोग्राम यानी आईटीईपी के तहत संचालित होगा। इसमें कला और शिक्षा दोनों विषयों का समन्वय रहेगा।
अभी तक विद्यार्थियों को शिक्षक बनने के लिए पहले तीन वर्षीय स्नातक और उसके बाद दो वर्षीय बीएड करना पड़ता था। इस पूरी प्रक्रिया में पांच वर्ष लगते थे। नए चार वर्षीय बीए-बीएड पाठ्यक्रम से विद्यार्थी एक वर्ष की बचत करते हुए स्नातक और बीएड दोनों डिग्रियां एक साथ प्राप्त कर सकेंगे।
कॉलेज प्रशासन के अनुसार, पाठ्यक्रम शुरू करने से पहले आवश्यक संसाधनों का विकास किया जा रहा है। इसके तहत 10 नए कक्षों और एक छोटे सभागार के निर्माण की योजना है। कक्षाओं को स्मार्ट क्लास के रूप में तैयार किया जाएगा, ताकि विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षण पद्धतियों, डिजिटल कंटेंट और प्रयोगिक प्रशिक्षण का बेहतर अनुभव मिल सके।
प्राचार्य प्रो. अजय प्रकाश खरे के अनुसार चार वर्षीय बीए-बीएड पाठ्यक्रम लागू होने से उन विद्यार्थियों को विशेष लाभ मिलेगा, जो स्नातक स्तर से ही शिक्षक प्रशिक्षण की दिशा में आगे बढ़ना चाहते हैं। पाठ्यक्रम में विषय ज्ञान के साथ शिक्षण कौशल, बाल मनोविज्ञान, कक्षा प्रबंधन और विद्यालयी प्रशिक्षण जैसे घटकों को भी शामिल किया जाएगा। इससे विद्यार्थियों को शिक्षण पेशे के लिए अधिक व्यवस्थित और व्यावहारिक तैयारी मिल सकेगी।
सीएमपी डिग्री कॉलेज अब बीएससी-बीएड और बीकॉम-बीएड जैसे अन्य इंटीग्रेटेड पाठ्यक्रमों के लिए भी प्रयासरत है। यदि इन पाठ्यक्रमों को भी मंजूरी मिलती है तो विज्ञान और वाणिज्य वर्ग के विद्यार्थियों के लिए भी चार वर्षीय शिक्षक प्रशिक्षण का रास्ता खुल जाएगा।
इविवि में इसी सत्र से मिलेगा प्रवेश
इलाहाबाद विश्वविद्यालय में इंटीग्रेटेड टीचर एजुकेशन प्रोग्राम (आईटीईपी) में सत्र 2026-27 से ही प्रवेश होंगे। इविवि को इस पाठ्यक्रम के संचालन की अनुमति पिछले वर्ष ही मिल गई थी।

