बिहार में हजारों शिक्षकों की रुक सकती है सैलरी, FRS रजिस्ट्रेशन की लास्ट डेट 16 मई
जिले के 5120 शिक्षकों ने अब तक एफआरएस (फेशियल रिकग्निशन सिस्टम) पंजीकरण नहीं कराया है। इसको लेकर जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (प्रारंभिक शिक्षा एवं समग्र शिक्षा) गार्गी कुमारी ने सभी प्राथमिक, मध्य, माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों और शिक्षकों को 16 मई तक हर हाल में एफआरएस पंजीकरण पूरा करने का निर्देश जारी किया है।
डीपीओ ने कहा है कि पूर्व में भी विद्यालयों को उपलब्ध कराए गए टैब के माध्यम से सभी कार्यरत शिक्षकों का शत-प्रतिशत एफआरएस रजिस्ट्रेशन कराने का निर्देश दिया गया था। इसके बावजूद अब तक 5120 शिक्षकों का पंजीकरण लंबित है। राज्य की समीक्षा में जिले की स्थिति असंतोषजनक पाई गई है।
15,706 शिक्षकों का ही एफआरएस पंजीकरण
विभागीय आंकड़ों के अनुसार जिले के कुल 20,826 शिक्षकों में से 15,706 शिक्षकों का ही एफआरएस पंजीकरण हुआ है, जबकि 5,120 शिक्षक अब भी अपंजीकृत हैं। सबसे अधिक अपंजीकृत शिक्षक नौतन प्रखंड में 487 हैं।
इसके बाद लौरिया में 479, जोगापट्टी में 467, मझौलिया में 461 और नरकटियागंज में 444 शिक्षक अब तक एफआरएस से नहीं जुड़े हैं। गौनाहा में 406 तथा चनपटिया में 338 शिक्षक पंजीकरण से वंचित हैं।
वहीं बगहा-दो में 324, बैरिया में 253, बगहा-एक में 250, मैनाटांड़ में 239, सिकटा में 238 और रामनगर में 233 शिक्षक अपंजीकृत पाए गए हैं। मधुबनी में 143, बेतिया में 118, पिपरासी में 102, भितहा में 86 तथा ठकराहा में 52 शिक्षकों का पंजीकरण अब तक नहीं हुआ है।
3.23 लाख से अधिक छात्रों का एफआरएस पंजीकरण अधूरा
जिले में कुल 5,49,354 छात्रों में से केवल 2,26,058 छात्रों का ही एफआरएस पंजीकरण हो सका है, जबकि 3,23,296 छात्र अब भी अपंजीकृत हैं। इसे लेकर शिक्षा विभाग ने गंभीर चिंता जताई है और सभी विद्यालयों को शीघ्र प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया है।
विभागीय आंकड़ों के अनुसार नरकटियागंज प्रखंड में सबसे अधिक 56,867 छात्र हैं, जिनमें से केवल 21,903 का पंजीकरण हुआ है, जबकि 34,964 छात्र अब भी अपंजीकृत हैं। बगहा-एक में कुल 52,101 छात्रों में 30,867, बगहा-2 में 48,420 में 25,229 तथा मझौलिया में 45,056 छात्रों में 28,643 छात्रों का पंजीकरण अब तक नहीं हो पाया है।
जोगापट्टी में 41,747 छात्रों में 27,555, चनपटिया में 39,084 में 19,292 तथा लौरिया में 35,716 छात्रों में 21,908 छात्र अब भी पंजीकरण से बाहर हैं। गौनाहा में 32,325 में 20,331 तथा रामनगर में 33,594 छात्रों में 18,618 छात्रों का एफआरएस पंजीकरण लंबित है।
इसी तरह सिकटा में 31,377 छात्रों में 18,547, मैनाटांड़ में 26,656 में 18,183, नौतन में 26,929 में 15,633 तथा बैरिया में 26,681 छात्रों में 14,557 छात्र अपंजीकृत हैं। बेतिया प्रखंड में कुल 17,118 छात्रों में 9,720 छात्रों का पंजीकरण नहीं हुआ है।
मधुबनी में 15,390 में 8,196, भितहा में 9,967 में 4,343, पिपरासी में 4,809 में 3,692 तथा ठकराहा में 5,517 छात्रों में 3,018 छात्र अब भी एफआरएस प्रणाली से नहीं जुड़ सके हैं।
टैब उपलब्धता और जिम्मेदारी
डीपीओ ने बताया कि जिले के सभी विद्यालयों में टैब उपलब्ध करा दिए गए हैं। प्रत्येक मध्य एवं प्राथमिक विद्यालय में दो-दो टैब तथा माध्यमिक व उच्च माध्यमिक विद्यालयों में तीन-तीन टैब दिए गए हैं।
इसके बावजूद बड़ी संख्या में शिक्षक अब तक पंजीकरण नहीं करा पाए हैं। जिम्मेदार शिक्षकों पर कार्रवाई तय है, क्योंकि एफआरएस प्रणाली शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
सभी प्रधानाध्यापकों को निर्देश दिया गया है कि लंबित पंजीकरण कार्य को प्राथमिकता के आधार पर जल्द पूरा कराएं, ताकि ऑनलाइन उपस्थिति प्रणाली सुचारु रूप से संचालित हो सके।

