कोर्ट की नाराजगी पड़ गई भारी 14 शिक्षिकाओं को मिली नौकरी
जिले में बीपीएससी से बहाल 14 शिक्षिकाओं की नौकरी एक बार फिर बहाल कर दी गई है। हाईकोर्ट के अंतरिम आदेश के बाद जिला शिक्षा पदाधिकारी ने 14 नवंबर 2024 को जारी सेवा समाप्ति आदेश को रद कर दिया है। अब सभी 14 शिक्षिकाओं को पहले वाले स्कूलों में फिर से योगदान देने की अनुमति दे दी गई है। यह मामला उन महिला अभ्यर्थियों से जुड़ा है जो बिहार से बाहर की रहने वाली हैं। शिक्षक नियुक्ति प्रक्रिया में उन्हें सीटीईटी परीक्षा में पांच प्रतिशत अंकों की छूट दी गई थी। बाद में शिक्षा विभाग ने यह कहते हुए उनकी नियुक्ति रद कर दी थी कि यह छूट केवल बिहार की महिला अभ्यर्थियों को मिल सकती है। सेवा समाप्त होने के बाद शिक्षिकाओं ने पटना हाईकोर्ट में याचिका दायर की। अदालत में कहा गया कि नियुक्ति प्रक्रिया पूरी होने और नौकरी मिलने के बाद नियम नहीं बदले जा सकते। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने 14 नवंबर 2024 के आदेश पर रोक लगा दी थी।
अवमानना वाद दायर तो डीईओ डीपीओ कोर्ट में हुए उपस्थित रोक आदेश के बावजूद शिक्षिकाओं की बहाली नहीं होने पर अदालत में अवमानना वाद दायर किया गया। मामले की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने जिला शिक्षा पदाधिकारी और जिला कार्यक्रम पदाधिकारी से जवाब मांगा था। अदालत ने कहा
था कि दूसरे जिलों में शिक्षकों को बहाल किया जा रहा है, लेकिन भागलपुर में आदेश का पालन नहीं किया गया। इसके बाद विभाग ने पूरे मामले की समीक्षा की। समीक्षा
में पाया गया कि हाईकोर्ट के अंतरिम आदेश पर फिलहाल कोई रोक नहीं है। इसलिए यह बहाली फिलहाल अंतरिम व्यवस्था के तहत की जा रही है। मामले में हाईकोर्ट और लंबित एलपीए में जो अंतिम फैसला आएगा, उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई की

