आंदोलन की राह पर शिक्षक, 20 जून तक मांगें पूरी नहीं होने पर धरना-प्रदर्शन का अल्टीमेटम
परिवर्तनकारी प्रारंभिक शिक्षक संघ ने शिक्षकों की विभिन्न लंबित मांगों के समाधान के लिए शिक्षा विभाग को 20 जून तक का अल्टीमेटम दिया है।
संघ ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित अवधि तक समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो 20 जून को जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय के समक्ष व्यापक धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
बैठक में आंदोलन की बनी रणनीति
दामुचक स्थित संघ कार्यालय में आयोजित जिला इकाई की बैठक को संबोधित करते हुए स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से निर्वाचित विधान पार्षद बंशीधर ब्रजवासी ने कहा कि शिक्षकों और विद्यालयों से जुड़ी समस्याओं का समाधान हर हाल में 20 जून से पहले किया जाना चाहिए
उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भी संबंधित मुद्दों पर चर्चा कर समाधान निकाला जा सकता है।
जिलाध्यक्ष राजेश यादव और जिला महासचिव मुनिंद्र कुमार झा ने बताया कि संघ की ओर से 23 सूत्री मांगों का ज्ञापन शिक्षा विभाग को सौंपा जा चुका है। अब विभाग के सामने विकल्प है कि वह समस्याओं का समाधान करे या फिर आंदोलन का सामना करे।
20 जून को बड़े प्रदर्शन का दावा
संघ पदाधिकारियों ने दावा किया कि 20 जून को प्रस्तावित धरना-प्रदर्शन शिक्षकों की भागीदारी के मामले में पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ सकता है। उनका कहना है कि लंबे समय से लंबित मामलों को लेकर शिक्षकों में व्यापक असंतोष है।
बैठक में समरेंद्र कुमार पवन, लखन लाल निषाद, ललित मिश्र, विकास कुमार, अजीत कुमार, ओम प्रकाश ठाकुर, विपिन बिहारी प्रसाद, अरविंद कुमार, रंजीत कुमार, उमेश कुमार, देवेंद्र राम, राजेश कुमार, रामसहाय, संजय कुमार, अमृता कुमारी, नीलू कुमारी, वीना कुमारी, गीता कुमारी, नीलम संजीव, मायाशंकर कुमार, अशोक तिवारी, रजनीश कुमार, वसीम अहमद राईन और मोहम्मद मुर्तजा आलम समेत कई शिक्षकों ने अपने विचार रखे।
प्रोन्नति और वेतन संरक्षण प्रमुख मुद्दे
संघ ने अपने ज्ञापन में नियोजित, विशिष्ट, प्रधान शिक्षक और प्रधानाध्यापक संवर्ग के शिक्षकों की प्रोन्नति प्रक्रिया में तेजी लाने की मांग की है। इसके साथ ही वेतन संरक्षण, महंगाई भत्ता, आवास भत्ता की बकाया अंतर राशि, एरियर और विभिन्न प्रकार के अवकाशों का लाभ देने की मांग उठाई गई है।
संघ का कहना है कि कई शिक्षकों को प्रोन्नति के आदेश मिलने के बावजूद उसका वास्तविक लाभ नहीं मिल पाया है। वहीं विद्यालय अध्यापक और प्रधान शिक्षकों के वेतन संरक्षण से संबंधित मामलों का भी शीघ्र निपटारा आवश्यक है।
ऐच्छिक स्थानांतरण और अवकाश की मांग
शिक्षक संगठन ने सभी संवर्ग के शिक्षकों को ऐच्छिक स्थानांतरण की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की है। इसके तहत जिला, प्रखंड और पंचायत स्तर पर पसंद के अनुसार स्थानांतरण का विकल्प देने का सुझाव भी रखा गया है।
इसके अलावा महिला शिक्षकों के लिए शिशु देखभाल अवकाश और पुरुष शिक्षकों के लिए पितृत्व अवकाश की स्वीकृति देने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई है।
23 सूत्री मांगों में कई अन्य मुद्दे शामिल
संघ की मांगों में वेतन भुगतान, ईपीएफ अंशदान, ग्रेड पे लाभ, परिवीक्षा अवधि में कमी, पीएचडी करने वाले शिक्षकों को अध्ययन अवकाश, दूरस्थ शिक्षा से योग्यता विस्तार की अनुमति, अप्रशिक्षित शिक्षकों के वेतन भुगतान और सभी संवर्ग के शिक्षकों के लिए समान नामांकन व्यवस्था जैसे मुद्दे भी शामिल हैं।
संघ ने कहा है कि यदि 19 जून तक इन मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो 20 जून को जिला शिक्षा विभाग कार्यालय पर व्यापक धरना-प्रदर्शन किया जाएगा

