शिक्षकों के ट्रांसफर की नियमावली 24 को जारी होगी, 30 तक स्कूलों में तैनाती
बिहार में सरकारी स्कूलों में शिक्षकों के ट्रांसफर की नियमावली 24 जून को जारी होगी। इसके आधार पर शिक्षक तबादले के लिए आवेदन करेंगे। 30 जून तक शिक्षकों की नए स्कूलों में पोस्टिंग कर दी जाएगी और वे 1 जुलाई से छात्रों को पढ़ाना शुरू करेंगे। यह जानकारी शिक्षामंत्री मिथिलेश तिवारी ने दी। उन्होंने कहा कि ट्रांसफर आवेदन के साथ ही शिक्षकों का वर्गीकरण शुरू होगा। इसके आधार पर उनकी पोस्टिंग होगी। एक स्कूल में एक विषय के लिए एक शिक्षक नियुक्त होंगे। यदि किसी स्कूल में एक विषय के दो शिक्षक होंगे तो उनका ट्रांसफर पास के स्कूल में किया जाएगा। इससे पहले 17 जून को कैबिनेट में शिक्षक ट्रांसफर की नई नियमावली पेश होनी थी। उसके बाद प्रक्रिया शुरू होनी थी। किसी कारण से नियमावली कैबिनेट में पेश नहीं हो सकी।
जगह रिक्त नहीं होने पर पास की पंचायत में पोस्टिंग होगी : बिहार में शिक्षकों का ट्रांसफर ऐच्छिक होगा। महिला शिक्षक को उनकी पंचायत में ट्रांसफर किया जाएगा। जबकि, पुरुष शिक्षकों की उनके प्रखंड में पोस्टिंग होगी। हालांकि, इस दौरान यदि ऐच्छिक पंचायत और प्रखंड में विषयवार रिक्त सीटें नहीं होंगी तो पास की दूसरी पंचायत में महिला और दूसरे प्रखंड में पुरुष शिक्षकों की तैनाती की जाएगी। इस ट्रांसफर को भी ऐच्छिक ही माना जाएगा
5.80 लाख में से 4 लाख शिक्षक ट्रांसफर का आवेदन करेंगे
बिहार के सरकारी स्कूलों में 5.80 लाख शिक्षक हैं। इनमें लगभग 1.80 लाख का ट्रांसफर हो चुका है। ऐसे में संभावना है कि 4 लाख शिक्षक ही तबादले के लिए आवेदन करेंगे। हालांकि, जिन शिक्षकों का ट्रांसफर हो चुका है, वे भी आवेदन कर सकते हैं। शिक्षकों के साथ ही प्रधानाध्यापक, प्रधान शिक्षक भी आवेदन करेंगे। जानकारी के मुताबिक 5.80 लाख शिक्षकों में से लगभग 8 हजार प्रधानाध्यापक और 38 हजार प्रधान शिक्षक हैं। शिक्षकों की पोस्टिंग मानक के आधार पर होगी। कक्षा 1 से 5वीं तक के स्कूल में 120 छात्रों पर 5 शिक्षक होंगे। जबकि, 1 से 8वीं तक के स्कूल में शिक्षकों की संख्या 9 होगी।
ट्रांसफर के बाद पढ़ाना ही होगा
बिहार में शिक्षकों की ट्रांसफर नियमावली 24 जून को जारी होगी। 30 जून तक स्थानांतरण प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। हालांकि, ट्रांसफर-पोस्टिंग की प्रक्रिया समाप्त होने के बाद शिक्षकों को हर स्थिति में स्कूल में पढ़ाना ही होगा। यदि शिक्षक लापरवाही करते हैं तो उनपर कार्रवाई की जाएगी।
सरकारी स्कूलों के छात्रों को पैसे की जगह ड्रेस दी जाएगी
पटना | सरकारी स्कूलों के छात्रों को पैसे की जगह दो सेट ड्रेस दी जाएगी। इसकी जिम्मेदारी जीविका को सौंपी जाएगी। यह नई व्यवस्था सरकार की पोशाक योजनाओं पर लागू होगी। इसके तहत कक्षा 1 से 8वीं तक के छात्र-छात्राओं और कक्षा 9 से 12वीं तक की छात्राओं को शामिल किया गया है। मुख्यमंत्री बालिका पोशाक योजना में कक्षा 1 से 2 के लिए 600 रुपए और कक्षा 3 से 5 के लिए 700 रुपए तय हैं।
मुख्यमंत्री बालक पोशाक योजना में कक्षा 1 से 2 के लिए 400 रुपए, कक्षा 3 से 5 के लिए 500 रुपए और कक्षा 6 से 8 के लिए 700 रुपए तय हैं। मुख्यमंत्री बालक पोशाक योजना (एससी/एसटी/बीपीएल) में कक्षा 1 से 2 के लिए 600 रुपए, कक्षा 3 से 5 के लिए 600 रुपए और कक्षा 6 से 8 के लिए 700 रुपए तय हैं। बिहार शताब्दी मुख्यमंत्री बालिका पोशाक योजना के तहत कक्षा 9 से 12 की छात्राओं के लिए 1500 की राशि तय की गई है। कक्षा 6 से 8 के लिए सामान्य दर 1000 रुपए निर्धारित है।
75% हाजिरी पर ही ड्रेस : स्कूलों में 75% हाजिरी वाले विद्यार्थियों को ही ड्रेस मिलेगी। इसके लिए हाजिरी रजिस्टर की तस्वीर जिला मुख्यालय को भेजनी होगी। उसके आधार पर ड्रेस दी जाएगी।

