नई दिल्ली/लखनऊ। देशभर में जनगणना कार्य में लगे प्रगणकों (Enumerators) और सुपरवाइजरों के बीच अब एक नई मांग जोर पकड़ रही है। लंबे समय तक फील्ड में काम करने, निर्धारित समय सीमा से पहले ऑनलाइन डेटा अपलोड करने और नक्शा संबंधी कार्य पूरा करने के बावजूद मानदेय का भुगतान लंबित होने से कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ रही है। सोशल मीडिया पर भी "जनगणना मानदेय जल्द मिले" अभियान तेजी से चर्चा का विषय बनता जा रहा है।
जनगणना कार्य से जुड़े कर्मचारियों का कहना है कि विभाग की ओर से कार्य समय पर पूरा कराने के लिए लगातार दबाव बनाया गया। कई जिलों में निर्धारित अंतिम तिथि से पहले ही ऑनलाइन डेटा अपलोड करने और नक्शा (Map) संबंधी कार्य पूरा करने के निर्देश दिए गए। कार्य में देरी होने पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई, लेकिन कार्य पूरा होने के बाद भी मानदेय भुगतान में विलंब बना हुआ है।
प्रगणकों और सुपरवाइजरों का कहना है कि उन्होंने भीषण गर्मी के बीच घर-घर जाकर सर्वेक्षण किया, डिजिटल माध्यम से सूचनाएं अपलोड कीं और समय सीमा के भीतर सभी जिम्मेदारियां पूरी कीं। ऐसे में उनके श्रम का सम्मान करते हुए समय पर मानदेय का भुगतान किया जाना चाहिए।
'कर्तव्य के साथ अधिकार भी जरूरी'
जनगणना कार्य से जुड़े कर्मचारियों का मानना है कि यदि प्रशासन कार्य समय पर पूरा कराने के लिए सख्ती दिखा सकता है, तो समय पर मानदेय जारी करना भी उसकी जिम्मेदारी होनी चाहिए। उनका कहना है कि समय पर भुगतान मिलने से कर्मचारियों का मनोबल बढ़ता है और भविष्य के सरकारी अभियानों में उनकी कार्यक्षमता भी बेहतर होती है।
कई कर्मचारियों का कहना है कि यदि मानदेय दो महीने बाद दिया जाएगा तो उसका वास्तविक उद्देश्य प्रभावित हो जाएगा। उनका मानना है कि भुगतान प्रक्रिया को सरल और समयबद्ध बनाया जाना चाहिए ताकि कर्मचारियों को अनावश्यक प्रतीक्षा न करनी पड़े।
सोशल मीडिया पर उठ रही मांग
जनगणना से जुड़े विभिन्न कर्मचारी समूह और संगठन सोशल मीडिया के माध्यम से सरकार और संबंधित विभागों से जल्द मानदेय जारी करने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि जनगणना जैसे राष्ट्रीय महत्व के कार्य में योगदान देने वाले कर्मचारियों के श्रम का सम्मान समय पर भुगतान से ही सुनिश्चित हो सकता है।
सरकार से उम्मीद
जनगणना कर्मियों को उम्मीद है कि संबंधित विभाग उनकी मांग पर सकारात्मक निर्णय लेते हुए शीघ्र मानदेय भुगतान की प्रक्रिया शुरू करेगा। उनका कहना है कि समय पर भुगतान न केवल कर्मचारियों का अधिकार है बल्कि इससे भविष्य में सरकारी योजनाओं और सर्वेक्षण अभियानों के प्रति कार्यकर्ताओं का विश्वास भी मजबूत होगा।
नोट: यह समाचार जनगणना कर्मियों द्वारा उठाई जा रही मानदेय भुगतान की मांग और सार्वजनिक रूप से साझा किए जा रहे विचारों पर आधारित है। संबंधित विभाग द्वारा भुगतान की समय-सीमा या नई घोषणा होने पर स्थिति में परिवर्तन संभव है।

