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Wednesday, June 17, 2026

यूपी के पांच जिलों में CBI रेड, शिक्षकों के 6 करोड़ एरियर घोटाले में कसा शिकंजा

 यूपी के अमेठी में करोड़ों के घोटाला मामले में सीबीआई की छापेमारी जारी है। शिक्षा विभाग से जुड़े घोटाले को लेकर छापेमारी की जा रही है। घोटाला वित्त लेखाधिकारी कार्यालय में हुआ था। कार्यालय में शिक्षकों के एरियर के करोड़ों रुपयों की हेराफेरी के आरोप लगे हैं। कार्यालय से संबंधित लोगों शिवम और अभिषेक के घर सीबीआई पहुंची और छापेमारी शुरू की।

अमेठी में बेसिक शिक्षा विभाग के वित्त एवं लेखा अनुभाग में शिक्षकों के एरियर भुगतान के नाम पर हुए करीब सात करोड़ रुपये के बहुचर्चित घोटाले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। हाईकोर्ट के आदेश पर सीबीआई ने मामले को अपने हाथ में लेते हुए प्रदेश के पांच जिलों में 15 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। इनमें अमेठी जिले के आठ ठिकाने शामिल हैं। सीबीआई की डीआईजी शिवानी तिवारी के नेतृत्व में चल रही कार्रवाई से शिक्षा विभाग और प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है।


मामले में वित्त एवं लेखा कार्यालय के कनिष्ठ लिपिक मनोज कुमार मालवीय को मुख्य आरोपी माना जा रहा है। आरोप है कि उन्होंने विभाग में कार्यरत कुछ आउटसोर्सिंग कर्मियों और शिक्षकों के साथ साठगांठ कर शिक्षकों के एरियर भुगतान के नाम पर फर्जी तरीके से करोड़ों रुपये का भुगतान कराया, जिससे सरकारी खजाने को भारी नुकसान पहुंचा। वित्त एवं लेखाधिकारी की तहरीर पर गौरीगंज कोतवाली में दर्ज मुकदमे के अनुसार, आउटसोर्सिंग कर्मी शिवम कुमार पांडे के खाते में लगभग डेढ़ लाख रुपये तथा अभिषेक सिंह के खाते में 50 लाख से अधिक रुपये स्थानांतरित किए गए।


वहीं प्राथमिक विद्यालय बेचूगढ़ के तत्कालीन प्रधानाध्यापक श्रवण कुमार द्विवेदी के खाते में लगभग एक करोड़ रुपये तथा प्राथमिक विद्यालय पूरे शिवदास के सहायक अध्यापक शैलेश चंद्र शुक्ला के खाते में लगभग 50 लाख रुपये पहुंचने का आरोप है। इस मामले में सभी के खिलाफ आपराधिक विश्वासघात सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था।


घोटाले का खुलासा होने के बाद जिला स्तर पर गठित जांच टीम ने मामले की विस्तृत जांच की थी। जांच रिपोर्ट के आधार पर तत्कालीन बेसिक शिक्षा अधिकारी ने दोनों आउटसोर्सिंग कर्मियों को सेवा से बर्खास्त कर दिया था। वहीं श्रवण कुमार द्विवेदी और शैलेश चंद्र शुक्ला के खिलाफ भी कार्रवाई करते हुए उन्हें सेवा से पृथक कर दिया गया था। बाद में दोनों शिक्षकों ने इलाहाबाद हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया, जहां से उन्हें राहत मिली और न्यायालय ने उनकी बहाली का आदेश दिया।


इसी दौरान श्रवण कुमार द्विवेदी द्वारा दाखिल याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच आवश्यक मानते हुए मामले की जांच सीबीआई से कराने का आदेश दिया। इससे पहले गौरीगंज कोतवाली पुलिस ने मामले को आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन (ईओडब्ल्यू) को भी स्थानांतरित किया था, लेकिन हाईकोर्ट के निर्देश के बाद अब सीबीआई ने औपचारिक रूप से जांच अपने हाथ में ले ली है।


सीबीआई की टीम आरोपितों के आवासों, कार्यालयों और अन्य संबंधित ठिकानों पर छापेमारी कर बैंक खातों, डिजिटल रिकॉर्ड, कंप्यूटर और वित्तीय दस्तावेजों की जांच कर रही है। जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि घोटाले का वास्तविक स्वरूप क्या था, इसमें और कौन-कौन लोग शामिल थे तथा सरकारी धन किन-किन खातों तक पहुंचा। प्रदेश के चर्चित वित्तीय घोटालों में शामिल इस मामले में आने वाले दिनों में कई और बड़े खुलासों की संभावना जताई जा रही है।

यूपी के पांच जिलों में CBI रेड, शिक्षकों के 6 करोड़ एरियर घोटाले में कसा शिकंजा Rating: 4.5 Diposkan Oleh: Primary ka school

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