टीईटी पास शिक्षामित्रों के समायोजन पर नोटिस
● सर्वोच्च न्यायालय ने उत्तर प्रदेश सरकार को जारी किया है नोटिस
● केवल ऐसे शिक्षामित्रों को हटाना था जो शिक्षक पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण नहीं थे
प्रयागराज, । टीईटी पास शिक्षामित्रों के सहायक अध्यापक पद पर समायोजन मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी किया है। जुलाई 2017 में उन शिक्षकों का समायोजन भी रद्द हो गया था जिन्होंने पूर्व में टीईटी पास कर रखी थी। इसके खिलाफ शिक्षमित्रों ने हाईकोर्ट में याचिकाएं की थीं। हाईकोर्ट की डबल बेंच ने 29 जनवरी 2026 को यह कहते हुए मामले में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया था कि इस प्रकरण में निर्णय हो चुका है। इसके खिलाफ उत्तर प्रदेश के शिक्षामित्रों ने सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिकाएं (एसएलपी) दायर की थीं। इस मामले की सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और न्यायमूर्ति मनमोहन की पीठ ने 13 जुलाई 2026 को राज्य सरकार को नोटिस जारी किया है। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता पीएस पटवालिया ने अदालत को बताया कि याचिकाकर्ता हाईकोर्ट के आदेश से इसलिए प्रभावित हैं क्योंकि उन्हें उन व्यक्तियों के समान मान लिया गया है, जिनके विरुद्ध सेवा से अलग करने का निर्देश दिया गया था। हालांकि याचिकाकर्ता स्वयं टीईटी उत्तीर्ण हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश में दर्ज है कि न्यायालय के पूर्व आदेश के अनुसार जिन व्यक्तियों ने टीईटी उत्तीर्ण कर ली थी, उन्हें सेवा में बनाए रखा जाना था और केवल ऐसे शिक्षामित्रों को हटाया जाना था जिन्होंने टीईटी उत्तीर्ण नहीं की थी। पीठ ने इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार को नोटिस जारी किया है तथा मामले को 27 अगस्त को अगली सुनवाई के लिए सूचीबद्ध कर दिया।

