शिक्षकों के एचआरए भुगतान में अनियमितता की जांच होगी
राज्य के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों और कर्मियों के मकान किराया भत्ता (एचआरए) के भुगतान में अनियमितता की जांच होगी। विभाग को मिली इसकी शिकायत के बाद प्राथमिक शिक्षा निदेशक निशांत विवेक ने सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों इसके संबंध में दिशा-निर्देश जारी किया है।
विभाग ने कहा है कि तय नियम के विरुद्ध अधिक दर से मकान किराया भत्ता लेने के मामलों की जांच कर शीघ्र इसमें सुधार सुनिश्चित करें।विभाग ने समीक्षा में पाया है कि कई जिलों में अवर्गीकृत शहरों की सीमा से आठ किलोमीटर के दायरे में स्थित
■विभाग को मिली शिकायत के बाद प्राथमिक शिक्षा निदेशक ने दिया निर्देश
स्कूलों में कार्यरत शिक्षक-कर्मियों को भी वर्गीकृत शहरों के बराबर अधिक दर से एचआरए दिया जा रहा है। वित्त विभाग के 18 जून 2024 के संकल्प के अनुसार एक जनवरी 2024 से राज्य कर्मियों के लिए संशोधित एचआरए लागू है। इसके तहत वर्ग-वाई शहर (पटना) : मूल वेतन का 20 प्रतिशत, वर्ग-जेड शहर (राज्य के 34 अधिसूचित शहर) में 10 प्रतिशत, अवर्गीकृत शहर में 7.5 प्रतिशत तथा ग्रामीण क्षेत्र में 5 प्रतिशत एचआरए का भगतान होना होना है।

