बैंक, बीमा कंपनियों और अन्य वित्तीय संस्थानों से आए 1600 सीरीज के फोन पर वापस कॉल कर सकेंगे
नई दिल्ली। बैंक, बीमा कंपनियों और अन्य वित्तीय संस्थानों की 1600 नंबर सीरीज पर ग्राहक वापस कॉल (कॉलबैक) कर सकें, इसके लिए भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) दूरसंचार कंपनियों के साथ चर्चा कर रहा है। प्रस्ताव लागू होने पर किसी जरूरी बैंकिंग कॉल के छूट जाने पर ग्राहक उसी नंबर से दोबारा संपर्क कर सकेंगे।
फिलहाल इस नंबर सीरीज का इस्तेमाल केवल बैंकों और वित्तीय संस्थानों द्वारा ग्राहकों को कॉल करने के लिए होता है, लेकिन ग्राहक इन नंबरों पर वापस फोन नहीं मिला पाते हैं। इस समस्या को दूर करने के लिए ट्राई ने यह पहल शुरू की है।
इसका उद्देश्य ग्राहकों की सुविधा बढ़ाना और 1600-नंबर सीरीज की कॉल पर भरोसा बढ़ाना है। इससे ग्राहक बैंक की लेनदेन संबंधी कॉल पर वापस संपर्क कर सकेंगे और उसकी पुष्टि या आगे की जानकारी ले सकेंगे।
कंपनियों ने जताई चिंता
हालांकि, इस नए प्रस्ताव को लेकर दूरसंचार कंपनियां ने चिंता जताई है। उनका कहना है कि 1600 सीरीज पर कॉलबैक की अनुमति देने से उनके 1800 टोल फ्री नंबरों के कारोबार पर बुरा असर पड़ेगा, जिससे उन्हें भारी राजस्व का नुकसान उठाना पड़ सकता है। अभी 1800 नंबर पर ग्राहक बिना शुल्क के किसी कंपनी को कॉल करते हैं और आने वाली कॉल का खर्च संबंधित कंपनी उठाती है। इसलिए इन नंबरों से टेलीकॉम कंपनियों को राजस्व मिलता है।
अप्रैल-जून 2026 के दौरान 1600 सीरीज से 1.15 अरब कॉल की गईं। इसी अवधि में प्रचार और मार्केटिंग कॉल के लिए इस्तेमाल होने वाली 140 सीरीज से 13.16 अरब कॉल की गईं। विशेषज्ञो्ं का कहना है कि वित्तीय क्षेत्र ने पिछले छह महीनों में 1600 सीरीज को अपनाने के लिए काफी प्रयास किए हैं।
फर्जी कॉल रोकनी थी
पहले बैंक और वित्तीय कंपनियां ग्राहकों को सामान्य 10 अंकों वाले मोबाइल नंबरों से फोन करती थीं। ऐसे में ग्राहक के लिए यह पहचानना मुश्किल होता था कि कॉल वास्तव में बैंक की है या किसी ठग की। वित्तीय धोखाधड़ी रोकने और ग्राहकों का भरोसा बढ़ाने के लिए दूरसंचार विभाग ने ट्राई की 2024 की सिफारिशों के आधार पर 1600 सीरीज शुरू की थी। पिछले साल ट्राई ने बीएफएसआई क्षेत्र को मार्च 2026 तक 1600 सीरीज में स्थानांतरित करने का निर्देश दिया था।
बैंकों ने उठाया कॉल बैक का मुद्दा
मामले की जानकारी रखने वाले अधिकारियों के अनुसार, ट्राई के साथ हुई एक बैठक में बैंकों ने 1600 नंबरों पर कॉल बैक की सुविधा नहीं होने की समस्या उठाई। बैंकों का कहना है कि ग्राहक को लेनदेन या सेवा से जुड़ी कॉल आने के बाद उसी नंबर पर वापस संपर्क करने का विकल्प मिलना चाहिए। इससे ग्राहक किसी लेनदेन से जुड़ी जानकारी की पुष्टि कर सकेंगे और कॉल में बताई गई बातों पर आगे जानकारी भी ले सकेंगे।
अभी क्या होती है दिक्कत
1600 सीरीज का इस्तेमाल बैंकिंग, वित्तीय सेवा और बीमा क्षेत्र के लिए किया गया है। इन नंबरों से बैंक और वित्तीय संस्थान ग्राहकों को सेवा और लेनदेन से जुड़ी कॉल कर सकते हैं।

