मऊरानीपुर: पूर्व माध्यमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक पर चेक में छेड़छाड़ कर 2.15 लाख रुपये निकालने का आरोप, FIR दर्ज....
15 हजार के चेक को कथित तौर पर 2.15 लाख किया गया,ग्राम बोड़ा स्थित पूर्व माध्यमिक विद्यालय भोजन निधि के खाते से रकम निकालने का आरोप........
थाना क्षेत्र के ग्राम बोड़ा स्थित पूर्व माध्यमिक विद्यालय की भोजन निधि के खाते में कथित वित्तीय गड़बड़ी का मामला सामने आया है। ग्राम प्रधान की शिकायत पर पुलिस ने विद्यालय के इंचार्ज प्रधानाध्यापक गोविंददास आर्य के खिलाफ धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात और कूटरचित दस्तावेज से संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज की है।
पुलिस के मुताबिक, मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4), 316(5) और 336(3) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। एफआईआर 9 अगस्त 2026 को दोपहर 2:42 बजे मऊरानीपुर थाने में दर्ज की गई। एफआईआर में घटना की तारीख 6 नवंबर 2025 दर्ज है।
👉 15 हजार के चेक में कथित तौर पर 2 लाख रुपये की बढ़ोतरी..
एफआईआर में ग्राम प्रधान श्रीमती सीमा सिंह पत्नी हृदेश सिंह की ओर से लगाए गए आरोप के अनुसार, पूर्व माध्यमिक विद्यालय बोड़ा के इंचार्ज प्रधानाध्यापक गोविंददास आर्य द्वारा 6 नवंबर 2025 को विद्यालय के लिए सामान, पेयजल, गिलास, थाली, दूध व अन्य सामग्री खरीदने के लिए एक चेक तैयार किया गया था। शिकायत के मुताबिक चेक की मूल राशि 15,000 रुपये थी और चेक नंबर 198486 बताया गया है।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि उक्त चेक विद्यालय की मध्याह्न भोजन निधि के खाते से संबंधित था। विद्यालय की भोजन निधि का खाता नंबर एफआईआर में 3673000108213619 दर्ज किया गया है।
ग्राम प्रधान का आरोप है कि चेक को उनके पास लाकर हस्ताक्षर कराने के बाद उसमें कथित तौर पर छेड़छाड़ की गई और 15 हजार रुपये की जगह 2 लाख 15 हजार रुपये कर दिए गए। इसके बाद चेक को बैंक में भुगतान के लिए लगाया गया।
👉 बैंक से भुगतान की जानकारी मिलने पर सामने आया मामला...
शिकायत के अनुसार, जब ग्राम प्रधान को बैंक खाते से रकम निकाले जाने की जानकारी मिली तो उन्होंने मामले की जानकारी ली। इसके बाद कथित तौर पर चेक की राशि में अंतर सामने आया। शिकायतकर्ता का कहना है कि चेक पर अंकित राशि और खाते से संबंधित लेनदेन की जांच में कथित गड़बड़ी सामने आई।एफआईआर में यह भी आरोप लगाया गया है कि जब प्रधान ने मामले को लेकर इंचार्ज प्रधानाध्यापक से बातचीत की तो उन्होंने कथित रूप से स्वीकार किया कि उनके द्वारा ऐसा किया गया है। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही होगी।
👉 सरकारी निधि के दुरुपयोग का आरोप...
शिकायत में विद्यालय की मध्याह्न भोजन निधि से सरकारी धन के कथित गबन का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की गई है। शिकायतकर्ता ने पुलिस और संबंधित अधिकारियों से चेक, बैंक रिकॉर्ड, हस्ताक्षर, भुगतान और संबंधित दस्तावेजों की जांच कर कार्रवाई की मांग की है। मामले में शिकायत की प्रतिलिपि मंडलीय शिक्षा विभाग, अपर मुख्य सचिव माध्यमिक शिक्षा, जिलाधिकारी झांसी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक झांसी, क्षेत्राधिकारी मऊरानीपुर और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी समेत संबंधित अधिकारियों को भी भेजे जाने का उल्लेख एफआईआर में किया गया है।
👉 अब बैंक रिकॉर्ड और दस्तावेजों की जांच करेगी पुलिस....
एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस के सामने अब चेक की मूल प्रति, उसमें हुई कथित काट-छांट, हस्ताक्षर, बैंक में प्रस्तुत किए जाने की प्रक्रिया, खाते से निकली रकम और संबंधित विद्यालय अभिलेखों की जांच अहम होगी। जांच में यह भी स्पष्ट होगा कि 15 हजार रुपये के चेक में कथित रूप से 2.15 लाख रुपये कैसे किए गए और रकम किस खाते में पहुंची।
फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्रधानाध्यापक पर लगाए गए आरोप जांच का विषय हैं और उनकी पुष्टि विवेचना पूरी होने के बाद ही होगी।
