यूपीटीईटी के परिणाम के लिए 300 ने लगाई गुहार, आयोग का ई-मेल बॉक्स फुल
प्रयागराज, । यूपीटीईटी का परिणाम घोषित होने के बाद रिजेक्ट लिस्ट में शामिल तकरीबन 60 हजार अभ्यर्थियों की बेचैनी बढ़ गई है। इनमें तमाम शिक्षक हैं जिनकी नौकरी दांव पर लगी हुई है, जबकि परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों में आगामी नई शिक्षक भर्ती की तैयारी कर रहे बड़ी संख्या में बेरोजगार अभ्यर्थियों के परिणाम भी रिजेक्ट हुए हैं। परिणाम घोषित होने के दूसरे दिन गुरुवार को 300 से अधिक अभ्यर्थियों ने उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग पहुंचकर प्रत्यावेदन दिया और रिजल्ट घोषित करने की मांग की।
अभ्यर्थियों का कहना है कि गोला भरने में हुई मामूली गलतियों को नजरअंदाज करते हुए उनकी ओएमआर शीट का मैन्युअल मूल्यांकन कराया जाए। उससे पहले दो से चार जुलाई तक परीक्षा होने के बाद भी पांच हजार से अधिक अभ्यर्थियों ने चयन आयोग में प्रत्यावेदन देकर ओएमआर में हुई गलतियों को मानवीय चूक मानते हुए मूल्यांकन करने का अनुरोध किया था। हालांकि उनकी सुनवाई नहीं हुई। इस बीच आयोग ने साफ किया है कि जिन अभ्यर्थियों के परिणाम रिजेक्ट हुए हैं उनके प्रत्यावेदन पर विचार किया जाना संभव नहीं है। ओएमआर उत्तर पत्रक की पुनः जांच, पुनः आकलन, पुनः मूल्यांकन अथवा संवीक्षा के लिए निवेदन व इस संबंध में कोई पत्राचार स्वीकार नहीं किया जाएगा।
आयोग का ई-मेल बॉक्स फुल
यूपीटीईटी का परिणाम जारी होने के बाद बड़ी संख्या में अभ्यर्थी ऑनलाइन माध्यम से भी प्रत्यावेदन भेज रहे हैं। कुछ अभ्यर्थियों ने गुरुवार को चयन आयोग को ई-मेल भेजने की कोशिश की तो मैसेज आया कि इन-बॉक्स भरा होने के कारण मेल भेजना संभव नहीं है।
सीटेट में मिला परिणाम
अभ्यर्थियों का दावा है कि केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की ओर से आयोजित केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (सीटीईटी) में जिनसे रोल नंबर का गोला भरने में गलती हुई थी उनका परिणाम बिना प्रत्यावेदन लिए जारी हुआ था। सीबीएसई ने शब्दों में लिखे रोल नंबर के आधार पर परिणाम जारी कर दिया था। इसी प्रकार चयन आयोग को भी शब्दों में लिखे रोल नंबर के आधार पर परिणाम देना चाहिए

