एनआईओएस में 3172 विद्यार्थी नहीं ले रहे अंकपत्र
प्रयागराज, । राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान (एनआईओएस) में 2018 से अब तक 3172 विद्यार्थी ऐसे हैं, जो परीक्षा पास करने के बाद भी अपना अंकपत्र नहीं ले गए। पब्लिक परीक्षा के विद्यार्थियों को अंकपत्र उनके शिक्षण संस्थान से मिलता है, जबकि ऑन डिमांड परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों का अंकपत्र उनके पते पर भेजा जाता है। इसके बावजूद कई विद्यार्थी इसे रिसीव नहीं कर रहे हैं।
एनआईओएस अधिकारियों के अनुसार अंकपत्र नहीं लेने वाले विद्यार्थियों में अधिकतर ऐसे हैं, जिन्होंने दो संस्थानों में प्रवेश लिया है। दोनों जगह परीक्षा देने के बाद जिस संस्थान में अधिक अंक आते हैं, वहीं का अंकपत्र विद्यार्थी लेते हैं। कम अंक वाले अंकपत्र को लेने में रुचि नहीं दिखाते हैं। अधिकारियों का कहना है कि कई विद्यार्थी अंक बढ़वाने के उद्देश्य से दोबारा प्रवेश लेते हैं। परीक्षा में कम अंक आने पर पुराने अंकपत्र को नहीं लेते हैं। वहीं कुछ विद्यार्थी ऐसे भी हैं, जो अंकपत्र की डुप्लीकेट प्रति निकलवा लेते हैं। इस कारण मूल अंकपत्र लेने की जरूरत नहीं समझते हैं। एनआईओएस की ओर से 2018 के बाद से ऐसे विद्यार्थियों की सूची तैयार की जा रही है। संस्थान के स्तर से अंकपत्र विद्यार्थियों तक पहुंचाने की व्यवस्था होने के बावजूद उनके नहीं लेने से इनकी संख्या लगातार बनी हुई है। अधिकारियों के अनुसार 10 वर्ष तक इनको सुरक्षित रखना है उसके बाद इनको नष्ट कर दिया जाएगा।
