8वें वेतन आयोग: 45,000 रुपये न्यूनतम पेंशन, हर तीन महीने बढ़ेगा डीए; पेंशनर्स संगठन की बड़ी मांगें
8वें वेतन आयोग के गठन को अब नौ महीने हो चुके हैं। आयोग के पास अब सिर्फ नौ महीने का समय बचा है, जिसमें उसे अपनी रिपोर्ट तैयार कर सरकार को सौंपनी होगी। इस बीच, भारत पेंशनर्स समाज ने आयोग के सामने कई महत्वपूर्ण मांगें रखी हैं, जिनमें न्यूनतम पेंशन 45,000 रुपये, महंगाई भत्ते में चार बार वृद्धि, और फिटमेंट फैक्टर्स में बदलाव शामिल हैं।
न्यूनतम पेंशन 45,000 रुपये की मांग
पेंशनर्स संगठन का कहना है कि बढ़ते खर्च को देखते हुए, रिटायरमेंट के बाद कर्मचारियों को एक सम्मानजनक जीवन जीने के लिए पर्याप्त पेंशन मिलनी चाहिए। इसलिए, संगठन ने न्यूनतम पेंशन 45,000 रुपये रखने की मांग की है।
महंगाई भत्ता (डीए) हर तीन महीने में बढ़े
वर्तमान में, केंद्रीय कर्मचारियों को साल में दो बार महंगाई भत्ता (डीए) और डीआर मिलता है। लेकिन भारत पेंशनर्स समाज ने मांग की है कि डीए में हर तीन महीने में वृद्धि की जाए, ताकि पेंशनर्स को महंगाई का सामना करने में आसानी हो। संगठन का कहना है कि छह महीने का अंतराल बहुत लंबा होता है, जिससे पेंशनर्स पर वित्तीय दबाव बढ़ता है।
25% डीए पर बेसिक पे में विलय
संगठन ने यह भी मांग की है कि जब डीए 25 प्रतिशत तक पहुंच जाए, तो उसे बेसिक पे में विलय कर दिया जाए। इससे कर्मचारियों को महंगाई के अनुसार बेसिक वेतन मिलता रहेगा। फिलहाल, केंद्रीय कर्मचारियों का डीए 60 प्रतिशत है, लेकिन ऐसी कोई व्यवस्था नहीं है।
फिटमेंट फैक्टर्स में बदलाव: 3.83 की मांग
पेंशनर्स संगठन ने सरकारी कर्मचारियों के लिए फिटमेंट फैक्टर्स को 3.83 करने की मांग की है। अगर यह मांग स्वीकार की जाती है, तो न्यूनतम बेसिक वेतन 1,800 रुपये से बढ़कर 69,000 रुपये हो जाएगा।
फैमिली यूनिट में वृद्धि: 3 से 5.2
वर्तमान में, फैमिली यूनिट 3 है, लेकिन संगठन ने इसे बढ़ाकर 5.2 करने की मांग की है। साथ ही, माता-पिता को भी फैमिली यूनिट में शामिल करने की बात कही गई है।
8वें वेतन आयोग का समयसीमा
8वें वेतन आयोग का गठन 3 नवंबर 2025 को हुआ था। आयोग के पास कुल 18 महीने का समय है। आयोग की रिपोर्ट के आधार पर ही केंद्र सरकार केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के वेतन और पेंशन पर फैसला लेगी।

