केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए 8वें वेतन आयोग के साथ बातचीत अहम है क्योंकि इससे उन्हें अपनी मांगे उन तक पहुंचाने का मौका मिल रहा है. इससे फायदा उन्हें आगे चलकर मिल सकता है.
8वां वेतन आयोग सितंबर 2026 में देशव्यापी परामर्श प्रक्रिया के तहत भारत के प्रमुख शहरों में कर्मचारी और पेंशनभोगी संगठनों के साथ बातचीत करने के लिए नई बैठकें करने जा रहा है. इस दौरान आयोग पूर्व सुप्रीम कोर्ट जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में केंद्रीय कर्मचारियों, पेंशनभोगियों और विभिन्न यूनियनों के साथ बैठकें कर उनके सुझाव और मांगें सुनेगा. ये बैठकें जयपुर, चेन्नई, पुडुचेरी और चंडीगढ़ में होंगी.
8वें वेतन आयोग की बैठकों का शेड्यूल (अगस्त-सितंबर 2026)
जयपुर (राजस्थान)- 31 अगस्त और 1 सितंबर 2026 (सोमवार और मंगलवार)
चेन्नई (तमिलनाडु)- 7 और 8 सितंबर 2026 (सोमवार और मंगलवार)
पुडुचेरी- 9 सितंबर 2026
चंडीगढ़- 16 से 18 सितंबर 2026
बेंगलुरु- 7 और 8 अक्टूबर 2026 (हाल ही में नया नोटिस जारी)
इनके अलावा, आयोग रेलवे कर्मचारियों के काम करने की स्थितियों के बारे में जानकारी जुटाने के लिए मुंबई में सेंट्रल रेलवे जोन के तहत आने वाले रेलवे विभागों का दौरा करने की भी योजना बना रहा है. बता दें कि जयपुर, चेन्नई और पुडुचेरी इन शहरों की बैठकों में शामिल होने और अपॉइंटमेंट लेने के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि 18 अगस्त 2026 थी जो कि अब निकल चुकी है. वहीं, चंडीगढ़ में होने वाली बैठकों के लिए प्रतिनिधिमंडलों के आवेदन जमा करने की आखिरी तारीख 25 अगस्त 2026 (यानी कि आज) है.
बैठकों का क्या होगा एजेंडा?
ये बातचीत कमीशन के सभी संबंधित पक्षों तक पहुंचने की आयोग की व्यापक कोशिश का हिस्सा है. इससे कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के संगठनों को वेतन, भत्ते, पेंशन और सेवा की अन्य शर्तों पर अपनी राय और मांगें रखने का मौका मिलेगा.
आधिकारिक तौर पर बैठकों के लिए कोई तय लिखित एजेंडा जारी नहीं किया गया है, लेकिन इन मैराथन बैठकों में मुख्य रूप से केंद्रीय कर्मचारियों के पे-स्ट्रक्चर (वेतन संरचना), भत्ते, न्यूनतम वेतन, फिटमेंट फैक्टर और पेंशन संशोधन जैसी मांगों पर विस्तार से चर्चा होगी. कर्मचारी संगठन आठवें वेतन आयोग के तहत फिटमेंट फैक्टर को 2.57 से बढ़ाकर 3.83 से 4.0 तक करने की मांग कर रहे हैं.
