शुभ मुहूर्त: भद्रा मुक्त रक्षाबंधन पर आज बांधें राखी, चंद्रग्रहण बेअसर
श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को रक्षाबंधन का त्योहार मनाया जाता है। इसमें बहनें अपने भाई की कलाई पर रक्षासूत्र बांधकर उसके सुखद भविष्य की कामना करती हैं और भाई भी बहन की जीवन पर्यन्त रक्षा करने का प्रण लेते हैं। इस बार रक्षाबंधन पर भद्रा मुक्त रहेगा।
दो दिन पूर्णिमा
इस बार श्रावण पूर्णिमा 27 अगस्त को सुबह 9 बजकर 8 मिनट पर शुरू हुई और 28 अगस्त की सुबह 9 बजकर 47 मिनट पर समाप्त होगी। 27 अगस्त को सुबह 9 बजकर 8 मिनट से पूर्णिमा के साथ ही भद्रा भी लग गई थी जो रात 9 बजकर 27 मिनट तक रही।
भारत में ग्रहण का कोई असर नहीं
28 अगस्त को खंडग्रास (आंशिक) चंद्रग्रहण होगा, लेकिन भारत के किसी भी भाग में ये ग्रहण दृश्य नहीं होगा। इसलिए भारत में इस ग्रहण का ना तो कोई प्रभाव मान्य होगा और ना ही सूतक लगेगा। इसलिए रक्षाबंधन के पर्व पर भी चंद्रग्रहण का कोई असर नहीं होगा। बहनें भाइयों की कलाई पर सिर्फ धागा नहीं, प्यार, भरोसे और जिम्मेदारी का रिश्ता बांधती हैं।
27 की रात 9:32 बजे भद्रा समाप्त हो चुकी
ज्योतिषाचार्य एसएस नागपाल ने बताया कि रक्षाबन्धन के दिन पूर्णिमा तिथि गुरुवार को सुबह 9.08 पर प्रारम्भ होकर और 28 अगस्त को सुबह 9.48 पर पूर्णिमा तिथि समाप्त होगी। 27 की रात 9.32 पर भद्रा समाप्त हो चुकी है। 28 अगस्त को चन्द्रमा कुम्भ राशि और शतभिषा नक्षत्र में होगा, पूरे दिन रक्षाबन्धन करवाया जा सकता है। ज्योतिषाचार्य आनंद दुबे ने बताया कि 28 अगस्त को चंद्र ग्रहण भी पड़ेगा, खंड चंद्र ग्रहण सुबह 8.04 बजे से शुरू होकर दोपहर 11.22 समाप्त होगा। यह चंद्र ग्रहण भारत में दृश्य नहीं होगा।

