शिक्षक का विकल्प नहीं हो सकती तकनीकः मिथिलेश
शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा है कि एआई जैसी तकनीक कभी शिक्षक का विकल्प नहीं बन सकती है। तकनीक का उपयोग शिक्षकों को सहयोग देने, बच्चों की सीखने की जरूरतों को समझने और बेहतर निर्णय लेने में सहायता के लिए किया जाएगा।
शिक्षा मंत्री ने रविवार को अधिवेशन भवन में विभाग के राज्यस्तरीय कार्यशाला सह चिंतन शिविर के उद्घाटन समारोह की अध्यक्षता करते हुए ये बातें कहीं। शिक्षा मंत्री ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा हमारा अंतिम लक्ष्य है। एआई कुछ ही क्षणों में उत्तर उपलब्ध करा सकता है। ऐसे में शिक्षा व्यवस्था के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि बच्चे सिर्फ उत्तर जानने वाले नहीं बनें, सही सवाल पूछना भी सीखें। मौके पर मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने कहा कि कोई भी स्कूल भवनहीन नहीं हो व हर में बिजली का कनेक्शन हो, इसे पदाधिकारी सुनिश्चित करें। इस दौरान सीएम सम्राट चौधरी ने 50 विद्यालयों में आदर्श प्रयोगशालाओं का ऑनलाइन लोकार्पण किया। शिक्षा मंत्री द्वारा लिखी पुस्तक वंदे मातरम : स्वतंत्रता संग्राम की आत्मा और भारत माता की अमर पुकार व मुरली मनोहर श्रीवास्तव की किताब वंदे मातरम 150 वर्षों की राष्ट्रीय चेतना अमर स्वर का विमोचन सीएम ने किया। सीएम के सचिव संजय कुमार सिंह, बिहार बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. त्यागराजन एस एम, डीएम कुंदन कुमार आदि थे
●50 विद्यालयों में आदर्श प्रयोगशालाओं का लोकार्पण
●शिक्षा मंत्री की लिखी किताब का सीएम ने लोकार्पण किया
शिक्षा की मुख्यधारा का खेल अभिन्न हिस्सा : मंत्री
पटना। खेल मंत्री श्रेयसी सिंह ने कहा कि हमारा लक्ष्य खेल को केवल पाठ्येतर गतिविधि तक सीमित रखना नहीं है, बल्कि इसे शिक्षा की मुख्यधारा का अभिन्न हिस्सा बनाना है। हर बच्चे को पढ़ाई के साथ खेल का अवसर मिले और उसकी खेल प्रतिभा को पहचानकर उसे आगे बढ़ाने के लिए उचित मंच, प्रशिक्षण एवं संसाधन उपलब्ध हो, इसी दिशा में बिहार आगे बढ़ रहा है। खेल मंत्री रविवार को अधिवेशन भवन में शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला-सह-चिंतन शिविर को संबोधित कर रही थी। उन्होंने कहा कि खेल और शिक्षा का समन्वय बच्चों के शारीरिक एवं मानसिक विकास के साथ-साथ उनमें अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, टीम भावना और आत्मविश्वास विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
